जिला अस्पताल ने हजारों रुपये लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने में आरोपी महिला कर्मी को दोबारा नौकरी देने के बाद नौकरी से हटा दिया है। नौकरी देने से पहले मामले की जांच भी नहीं की गई थी, लेकिन जब मामले पर सवाल उठे तो अस्पताल के सीएमएस ने कार्रवाई करते हुए महिला कर्मी को नौकरी से हटा दिया है।
बता दें कि मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए रकम की मांग मामले में फंसी जिला अस्पताल की महिला कर्मी को आठ जून को अस्पताल में ज्वाइन करवा दिया गया था। पिछले साल 12 अगस्त 2025 को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जिला अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने को लेकर तीन हजार रुपये की मांग करते और रुपये लेते दो महिलाकर्मी दिख रही थीं। वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को जांच कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ कार्यालय के तहत संविदा पर कार्यरत महिला को जांच के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था, लेकिन जिला अस्पताल की महिला कर्मी की जांच ही नहीं हुई। इस मामले के बाद वह अस्पताल नहीं आई। दोबारा संविदा पर महिला को अस्पताल में नौकरी दिए जाने पर कई सवाल खड़े हो गए, क्योंकि बिना जांच महिलाकर्मी को दोबारा नौकरी पर रख लिया गया था। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि महिला कर्मी ने बताया कि वह छुट्टी पर थी। ऐसे में उसका रिज्वानिंग लेटर ले लिया गया था लेकिन अब उसे वापस कर दिया गया है।

