ठाणे–बोरिवली ट्विन टनल परियोजना में प्रदूषण को लेकर मेघा इंजीनियरिंग को MPCB का नोटिस
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (MEIL) को ठाणे–बोरिवली ट्विन टनल परियोजना के लिए स्थापित किए गए रेडीमिक्स कॉンク्रीट (RMC) प्लांट में वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई हावरे सिटी टाउनशिप के निवासियों की शिकायतों के बाद की गई है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय को बताया गया कि MPCB ने 3 जुलाई को कंपनी को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि RMC प्लांट, वाहन संचालन और निर्माण कार्यों से अत्यधिक धूल और शोर हो रहा है, साथ ही निर्धारित समय से अधिक कार्य कर रहे हैं। कंपनी को प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का पालन करने, निर्धारित समय के बाद प्लांट संचालित न करने और सात दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पर्यावरण कार्यकर्ता रोहित जोशी द्वारा दायर जनहित याचिका के दौरान सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि RMC प्लांट से निकलने वाला प्रदूषण निवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है और प्लांट, ढलाई केयरिंग यार्ड तथा मजदूरों के कैंप को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। अदालत ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
25 जून को MPCB द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि कंपनी ने धूल कम करने के लिए फॉगिंग सिस्टम, पानी की सिंचाई, ढके हुए स्टोरेज क्षेत्र और सुरक्षा आवरण लगाए हैं। हालांकि निरीक्षण टीम ने अतिरिक्त कदम उठाने की सिफारिश की, जिसमें प्रवेश और निकास बिंदुओं पर स्प्रिंकलर लगाना, खुले क्षेत्रों को मेटल शीट से ढकना और टारपॉलिन से छिद्र बंद करना शामिल है।
मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) द्वारा संचालित ठाणे–बोरिवली ट्विन टनल परियोजना, जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से गुजरेगी, पूरी होने पर ठाणे और बोरिवली के बीच यात्रा समय को लगभग 15–20 मिनट तक कम कर देगी।
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