महाराष्ट्र की लड़की बहन योजना से महिला कल्याण बजट में अभूतपूर्व वृद्धि
हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिरता पर चिंता व्यक्त की है। यह चिंता मुख्यमंत्री मेरी लड़की बहन योजना की वजह से राज्य के महिला कल्याण बजट में भारी वृद्धि को लेकर जताई गई है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जून 2024 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत, 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की उन महिलाओं को जो सालाना 2.5 लाख रुपये से कम आय वाली परिवारों से हैं, प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह योजना भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए 2024 की विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीटें जीतने में सहायक रही है।
राज्य विधायिका में प्रस्तुत की गई CAG रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि लड़की बहन योजना के कारण महिला कल्याण विभाग का बजट 2023-24 के 261.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 33,554.3 करोड़ रुपये पर पहुँच गया है, जो लगभग 12,700% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक क्षेत्र पर व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि पूंजीगत व्यय मात्र लगभग 14% रहा है, जिससे राजस्व व्यय और कैश-ट्रांसफर योजनाओं की ओर झुकाव स्पष्ट होता है।
साथ ही, इस ऑडिट में राज्य की बजट के बाहर की उधारी पर भी चिंता जताई गई है। ये वे ऋण हैं जो सीधे सरकार द्वारा नहीं, बल्कि सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाओं के माध्यम से लिए जाते हैं, जिससे वित्तीय जोखिम बढ़ते हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महाराष्ट्र ने राजस्व घाटे के रूप में 29,994 करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटे के रूप में 1.2 लाख करोड़ रुपये दर्ज किए हैं, जो राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव डालता है।
यह मूल्यांकन महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक कल्याण प्रयासों और वित्तीय प्रबंधन के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को दर्शाता है। आगामी नीतिगत निर्णयों में इन निर्देशों को ध्यान में रखने की आवश्यक्ता है।