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ग्रेटर नोएडा: डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया

यूपी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ग्रेनो वेस्ट में बनेगा। ग्रेनो वेस्ट को 130 मीटर रोड से शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया है। चार लेन के फ्लाईओवर के लिए जरूरी चौड़ाई में जगह नहीं मिलने के बाद अब डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया है। इसमें दोनों ही तल पर वन-वे ट्रैफिक रहेगा। अब इस 1400 मीटर लंबे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 900 करोड़ रुपये होगी।प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई के साथ पिछले दिनों जगह की अड़चन पर वार्ता हुई थी। इसके बाद कंसल्टेंट की मदद से दूसरे विकल्पों पर विचार शुरू हुआ। डबल डेकर फ्लाईओवर के डिजाइन पर सहमति बनी। ग्रेनो प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने इसका प्रजेंटेशन एनएचएआई को दे दिया है। एनएचएआई ने डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद एनएचआई अंतिम रूप से फैसला इस फ्लाईओवर के निर्माण पर लेगा। नेशनल हाइवे से जुड़ाव को देखते हुए पूर्व में ही शाहबेरी फ्लाईओवर का निर्माण एनएचएआई से ही कराने पर सहमति बनी थी।

चार लेन के इस फ्लाईओवर पर अभी करीब 400 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित था।15 मीटर जगह खुली जगह चाहिए थी 14 मीटर मिलीजीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने बताया कि चार लेन के फ्लाईओवर के लिए करीब 15 मीटर की खुली जगह चाहिए होती है। जबकि यहां अधिकतम जगह 14 मीटर मिल पा रही है। इसके उलट डबल डेकर फ्लाईओवर में तीन-तीन लेन दोनों तल पर बनाई जाएंगी। इस डिजाइन में 12 मीटर के अंदर ही छह लेन ट्रैफिक के लिए मिल जाएंगे। इससे दीर्घकालिक जरूरत वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ पूरी हो सकेगी। इसके अलावा यू-शेप पीयर का उपयोग फ्लाईओवर बनाने में किया जाएगा।

इससे मौजूदा सड़क का उपयोग लाेकल मार्केट, सोसाइटी व गांव के लोग पूर्व की तरह सर्विस लेन के तौर पर करते रहेंगे। इस फ्लाईओवर से 130 मीटर रोड से सीधे दिल्ली-मेरठ हाइवे पहुंच जाएंगे, जहां से गाजियाबाद भी जाना आसान होगा। अभी केवल तिगरी चौक होते हुए ही गाजियाबाद जाना होता है, जहां तेजी से ट्रैफिक बढ़ा है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )