मांसपेशी संरक्षित हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद 81 वर्षीय महिला ने केवल 48 घंटों में पुनः चलना शुरू किया
मुंबई के घाटकोपर में स्थित ज़ायनोवा शालबी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉ. श्रीसनात राव के नेतृत्व में एक टीम ने 81 वर्षीय महिला का आधुनिक मांसपेशी संरक्षित डायरेक्ट ऐन्टेरियर अप्रोच (DAA) तकनीक द्वारा सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की। यह अत्याधुनिक प्रक्रिया महिला को तीव्र पुनर्प्राप्ति में मददगार साबित हुई और वह केवल 48 घंटों बाद बिना किसी सहायता के चलने लगीं, जिससे उसकी स्वतंत्रता लौट आई।
श्रीमती सीमा सोनी (नाम परिवर्तित), जो घाटकोपर की निवासी हैं, घर पर गिरकर गंभीर हिप फ्रैक्चर का शिकार हुईं। इसके कारण उनके लिए चलना असंभव हो गया और वे अपने दैनिक कार्यों में परिवार के सदस्यों पर निर्भर हो गईं। उनके शारीरिक दर्द के साथ-साथ मानसिक तनाव भी बढ़ गया था क्योंकि उन्हें अपनी स्वतंत्रता खोने का डर सताने लगा था।
उनके इलाज हेतु विभिन्न चिकित्सकों से परामर्श के बाद यह देखा गया कि दवा और फिजियोथेरेपी से उनकी स्थिति में सुधार संभव नहीं था। हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी उनके लिए एक अनिवार्य विकल्प बनी। तत्परता से इलाज के लिए वह ज़ायनोवा शालबी हॉस्पिटल पहुँचीं, जहाँ डॉ. श्रीसनात राव ने उनकी स्थिति का विश्लेषण कर डायरेक्ट ऐन्टेरियर अप्रोच का चयन किया, जो मांसपेशियों को बचाते हुए सर्जरी करता है और पुनः सक्रियता को जल्दी बढ़ावा देता है।
डॉ. श्रीसनात राव ने बताया, “हमने मरीज के हिप एक्स-रे और स्वास्थ्य के आधार पर डायरेक्ट ऐन्टेरियर अप्रोच को चुना क्योंकि यह मरीज के मांसपेशियों को काटे बिना प्राकृतिक मार्ग से जॉइंट तक पहुंचता है। इससे सर्जरी के बाद दर्द कम होता है, रक्तस्राव घटता है और मरीज जल्दी अपने पैरों पर खड़ा हो पाता है। सर्जरी के तुरंत अगले दिन से मरीज को चलने और आराम से क्रॉस-लेग्ड बैठने की अनुमति मिली, जो कई भारतीयों के लिए दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है।”
यह अप्रोच तेजी से पुनर्वास और श्रेष्ठ गतिशीलता सुनिश्चित करता है, जिससे मरीजों में हिप डिस्लोकेशन का खतरा भी कम होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तकनीक हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती, और इसका चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
श्रीमती सीमा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “सर्जरी से पहले मुझे डर था कि मैं फिर कभी स्वतंत्र होकर ठीक से नहीं चल पाऊंगी और अपने पारंपरिक तरीके से बैठ पाऊंगी। दर्द के कारण मेरा जीवन अत्यंत कठिन हो गया था। डॉ. श्रीसनात राव और उनकी टीम ने मुझे पुनः जीने की उम्मीद दी। यहां की उन्नत तकनीक और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल से मुझे आश्वस्त और सुरक्षित महसूस हुआ। दो दिन के भीतर मेरी खुद चलने की क्षमता लौट आई, जो मेरे लिए एक भावनात्मक और अविस्मरणीय अनुभव रहा।”
हिप रिप्लेसमेंट में डायरेक्ट ऐन्टेरियर अप्रोच आधुनिक ऑर्थोपेडिक्स में एक महत्वपूर्ण प्रगति है, जो विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों और जटिल मामलों में प्रभावी साबित हुई है। इसका उद्देश्य केवल हिप जॉइंट बदलना नहीं, बल्कि मरीज की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।