चुनाव आयोग ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में मतदाता सूची संशोधन की समयसीमा बढ़ाई
चुनाव आयोग ने बुधवार को दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के तहत घर-घर सत्यापन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इसके साथ ही प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तिथियां भी आगे धकेल दी गई हैं।
आयोग वर्तमान में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के लिए घर-घर जाकर मतादाताओं के पुराने डेटा का सत्यापन कर रहा है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सटीक और अद्यतित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
दिल्ली में घर-घर सत्यापन 30 जून से शुरू हुआ था और इसे 10 दिनों के लिए बढ़ाकर 8 अगस्त कर दिया गया है, जबकि यह कार्य पहले 29 जुलाई तक पूरा होना था। प्रारूप मतदाता सूची अब 5 अगस्त की जगह 17 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 17 अगस्त से 16 सितंबर तक दावों और आपत्तियों की सुनवाई होगी, जिसे 15 अक्टूबर तक निपटाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को जारी होगी।
पंजाब में भी घर-घर सत्यापन की अवधि 24 जुलाई से 3 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। प्रारूप मतदाता सूची 31 जुलाई की बजाय 13 अगस्त को प्रकाशित होगी और अंतिम सूची 10 अक्टूबर के स्थान पर 12 अक्टूबर को जारी होगी।
कर्नाटक में सत्यापन अवधि 29 जुलाई से 8 अगस्त तक बढ़ाई गई है। प्रारूप मतदाता सूची अब 5 अगस्त के स्थान पर 17 अगस्त को प्रकाशित होगी। अंतिम मतदाता सूची की तिथि भी आगे बढ़ाई जाने की संभावना है।
यह विस्तार मतदाता सूची से संबंधित त्रुटियों को सुधारने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस कार्य को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ पूरा करें।