भारत ने हॉर्मूज जलसन्धि से गुजरने वाले जहाजों पर अपने समुद्रीय कर्मियों की तैनाती पर रोक लगाई
नई दिल्ली। भारत सरकार ने गुरुवार को सभी शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे हॉर्मूज जलसन्धि से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय समुद्रीय कर्मियों को तैनात न करें। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के बीच वाणिज्यिक जहाजों पर हुई कई हमलों के बाद उठाया गया है।
पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय अंतर्गत आने वाले संयुक्त देश के समुद्री प्रशासन निदेशालय ने जहाज मालिकों, प्रबंधकों और भर्ती एवं नियोजन सेवा लाइसेंसधारक कंपनियों को यह निर्देश जारी किया है। इस आदेश का उद्देश्य भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसके अतिरिक्त, खाड़ी क्षेत्र, हॉर्मूज जलसन्धि और आसपास के जलमार्गों में संचालित जहाजों को सुरक्षा में वृद्धि बरतने, नौवहन चेतावनी और सुरक्षा सलाहों पर कड़ी नजर रखने तथा इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निदेशालय ने कहा है कि वह सुरक्षा स्थिति के विकास पर लगातार नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाएगा।
इस बीच, रविवार को एक भारतीय समुद्री यात्री इस क्षेत्र में साइप्रस ध्वज वाले जहाज पर हमले के बाद लापता हो गया। उसके परिवार ने बाद में उसकी मृत्यु की सूचना दी है, हालांकि भारतीय सरकार ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह निर्णय मध्य पूर्व क्षेत्र की बढ़ती अस्थिरता और समुद्री सुरक्षा खतरे को देखते हुए लिया गया है ताकि भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं और आवश्यकतानुसार समुचित कार्रवाई करेंगी।