मुंबईवासियों के लिए राहत की खबर है। पश्चिमी उपनगरों में वर्सोवा और मढ़ के बीच करीब 2,395 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित केबल-स्टेड फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने मुंबई नगर निगम को प्रोजेक्ट के रास्ते में आने वाले 1,237 मैंग्रोव पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके लिए पर्यावरण कानूनों के तहत संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।फिलहाल सड़क के रास्ते वर्सोवा से मढ़ जाने के लिए लोगों को अंधेरी, जोगेश्वरी, राम मंदिर और ओशिवारा होते हुए मलाड से मढ़-मार्वे रोड की ओर जाना पड़ता है। मढ़-मार्वे रोड, कांदिवली लिंक रोड या मलाड लिंक रोड से 12 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। लंबी दूरी के साथ-साथ रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम के चलते इस यात्रा में काफी समय लग जाता है।फेरी सेवा है वैकल्पिक रास्तावर्सोवा जेटी और मढ़ के बीच समुद्र के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने के लिए फेरी सेवा का विकल्प भी मौजूद है। इस रूट पर सुबह 5 बजे से रात 1 बजे तक तीन फेरी संचालित होती हैं। हालांकि, कम ज्वार (Low Tide) के दौरान फेरी सेवा बंद करनी पड़ती है। इसके अलावा इस सेवा की कुछ अन्य सीमाएं भी हैं। इन्हीं कारणों को देखते हुए इस पुल का प्रस्ताव सामने आया। नगर निगम ने वकील जोएल कार्लोस के माध्यम से दायर रिट याचिका के जरिए अदालत को इसकी जानकारी दी।प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत मलाड क्रीक के ऊपर मढ़ आइलैंड और वर्सोवा को जोड़ने वाला 2,064 मीटर लंबा चार-लेन का केबल-स्टेड पुल बनाया जाना है। यह पुल 27.45 मीटर चौड़ी डेवलपमेंट प्लान रोड और कोस्टल रोड एलाइनमेंट से जुड़ा होगा।नई DP सड़कें और प्रस्तावित पुलसीनियर वकील एस्पी चिनॉय ने अदालत को बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए S.V. रोड और लिंक रोड से भारी ट्रैफिक को दूसरी ओर डायवर्ट करने में मदद मिलेगी।नगर निगम ने अदालत को दिया वचननगर निगम ने अदालत में दिए अपने वचन में कहा कि प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक पर्यावरण मंजूरी प्राप्त की जा चुकी है। कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) नोटिफिकेशन के तहत नॉर्थ कोंकण मैंग्रोव डिवीजन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर के अधिकार क्षेत्र वाली नौ हेक्टेयर खराब हो चुकी मैंग्रोव वन भूमि पर 39,000 मैंग्रोव पौधे लगाए जाएंगे।निगम ने यह भी बताया कि इन पौधों की 10 वर्षों तक देखभाल और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए 1.42 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।90 मिनट का सफर होगा 10 मिनट मेंइस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वर्सोवा से मढ़ के बीच यात्रा की दूरी करीब 18 से 20 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। फिलहाल इस दूरी को तय करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है, जबकि पुल बनने के बाद यही सफर सिर्फ पांच मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे यात्रियों के करीब 70 से 80 मिनट बचेंगे।नगर निगम ने अदालत में दावा किया कि इस पुल के बनने से न्यू लिंक रोड, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और S.V. रोड पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।

