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दिल्ली: वास्तविक अधिकार देने पर जोर दिया 

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में परमार्थ समाज सेवी संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बुधवार को समाप्त हुआ। समापन पर जारी दिल्ली घोषणा-पत्र में जल से जुड़े फैसलों में महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि निर्णय लेने का वास्तविक अधिकार देने पर जोर दिया गया।घोषणा-पत्र में 20 नीतिगत सुझाव शामिल हैं। इसमें राष्ट्रीय व राज्य जल नीतियों में महिलाओं की भागीदारी के स्पष्ट प्रावधान, हर पंचायत में साल में कम से कम एक बार जेंडर ऑडिट और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों में 50 प्रतिशत महिला सदस्यता के साथ अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष पदों पर भागीदारी सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है।

दूसरे दिन डिजिटल तकनीक व डेटा, जल नीति तथा जलवायु अनुकूलन पर चर्चा हुई। परमार्थ के संस्थापक सचिव डॉ. संजय सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की जल सहेलियों के अनुभव बताते हैं कि महिलाओं को योजना, बजट व निगरानी की जिम्मेदारी मिलने पर जल योजनाएं बेहतर चलती हैं। घोषणा-पत्र केंद्र व राज्य सरकारों के संबंधित विभागों और नीति-निर्माताओं के सामने रखा जाएगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )