• Wed. Sep 16th, 2026

दिल्ली: परिसर के 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में सात मंजिला इमारत का किया जाएगा निर्माण

पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मरीजों के इलाज के लिए 250 बेड का सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में 244.87 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के फेज-4 के तहत बनने वाले इस ब्लॉक को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।अस्पताल के मौजूदा परिसर में करीब 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में सात मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और छह मंजिलें होंगी।

बेसमेंट में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला बनाई जाएगी, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर 24 घंटे इमरजेंसी के साथ सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।250 बेड, 9 ऑपरेशन थिएटर और ओपीडी के 48 कमरे होंगेप्रस्तावित ब्लॉक में 20 इमरजेंसी, 5 बर्न्स आईसीयू, 70 आईसीयू, 4 आइसोलेशन, 22 प्री और पोस्ट सर्जरी, 102 सामान्य वार्ड तथा 25 निजी कमरों के बेड होंगे। गंभीर मरीजों के लिए कुल 77 क्रिटिकल-केयर बेड की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 48 विशेषज्ञ ओपीडी कमरे और 9 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे।72 बेड का आईसीयू होगाब्लॉक में न्यूरो, हड्डी, त्वचा और दंत चिकित्सा समेत विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी मंजिल पर 72 बेड का आईसीयू प्रस्तावित है, जबकि चौथी और पांचवीं मंजिल पर सामान्य व निजी वार्ड होंगे। छठी मंजिल पर कार्यालय, कक्षाएं और डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए लैब बनाई जाएगी।मरीजों के बढ़ते दबाव को कम करने पर जोरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जीटीबी अस्पताल पूर्वी दिल्ली का प्रमुख सरकारी अस्पताल है और यहां मरीजों का लगातार भारी दबाव रहता है।

अस्पताल में बेड की व्यस्तता अधिक होने के कारण गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मामलों के लिए ट्रॉमा सुविधाओं का विस्तार जरूरी था। नए ब्लॉक में इमरजेंसी, जांच, गहन चिकित्सा और सर्जरी को एकीकृत किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी।हर तीन महीने में होगी कार्य की समीक्षापरियोजना की निगरानी के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की जाएगी। समिति हर तीन महीने में बैठक कर निर्माण की प्रगति की समीक्षा करेगी। पीएमएसएसवाई फेज-4 के तहत परियोजना की लागत केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर वहन करेंगी। अस्पताल परिसर में ही जमीन उपलब्ध होने के कारण इसके लिए नई जमीन खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )