नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है। कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके शिक्षकों के लिए सभी विद्यार्थी समान हैं। ऐसे में शिक्षकों को किसी भी प्रकार के पक्षपात से बचना चाहिए।
कुलगुरु ने डूसू चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी संबंधित पक्षों को अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभानी होगी। बुधवार को उनकी अध्यक्षता में विश्वविद्यालय अधिकारियों, कॉलेज प्राचार्यों, छात्रावासों के प्रोवोस्ट और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
हsluर कॉलेज में पुलिस समन्वय के लिए शिक्षक की होगी नियुक्ति
कुलगुरु ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिया कि अगले तीन-चार दिनों तक अपने-अपने कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखें। हर कॉलेज में एक शिक्षक को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
चुनाव प्रबंधन में शिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। कुलगुरु ने कहा कि शिक्षकों की भागीदारी से चुनाव प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
17 सितंबर को पहुंचेंगी EVM, 18 को होगा मतदान
बैठक में बताया गया कि मतदान से एक दिन पहले यानी 17 सितंबर को कॉलेजों में EVM पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए सुबह 8 बजे से प्रक्रिया शुरू होगी और नियुक्त मास्टर ट्रेनर EVM को कॉलेजों तक पहुंचाएंगे।
18 सितंबर को डे-क्लास के विद्यार्थियों के लिए सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मतदान होगा। वहीं, इवनिंग-क्लास के विद्यार्थियों के लिए मतदान का समय दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
मतदान पूरा होने के बाद छात्र प्रतिनिधियों और चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में EVM को सील किया जाएगा। इसके बाद इन्हें मल्टीपर्पस हॉल (यूनिवर्सिटी इंडोर स्टेडियम) में जमा कराया जाएगा। 19 सितंबर को इसी हॉल में मतगणना की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में रात में पुलिस गश्त, महिला कॉलेजों में विशेष सुरक्षा
चुनाव के दौरान संवेदनशील स्थानों पर हिंसा रोकने के लिए 18 सितंबर तक रात के समय पुलिस गश्त जारी रहेगी। मतदान के दिन कॉलेजों, विभागों और संस्थानों के बाहर भी पुलिस की तैनाती की जाएगी।
महिला कॉलेजों में सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में डीन ऑफ कॉलेज प्रो. बलराम पाणी, साउथ कैंपस निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. राज किशोर शर्मा, मुख्य रिटर्निंग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह के अलावा विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, छात्रावासों के प्रोवोस्ट-वार्डन और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

