मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने बीड और बिहार से दो फरार मुख्य आरोपियों प्रकाश मिसल और अशोक साव को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही चार्जशीट में नामजद सभी 18 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है।
ठाणे शहर पुलिस और भिवंडी डिवीजन के अधिकारियों की अगुवाई में हुई जांच में परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह नेटवर्क महाराष्ट्र के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ था। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने तकनीकी जानकारी, पैसों के लेनदेन और लोकेशन लॉग की मदद से दोनों आरोपियों का पता लगाया।
28 जून को होने वाली परीक्षा से ठीक एक दिन पहले पुलिस को पेपर बेचने की कोशिश की जानकारी मिली थी। डीसीपी (जोन-2) पवन बंसोड़ को गुप्त सूचना मिली थी कि तीन लोग भिवंडी के एक निवासी को प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कोंगांव इलाके में जाल बिछाया और आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से प्रश्नपत्र के चार सेट भी बरामद किए गए।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों ने जांच के बाद पुष्टि की कि जब्त किए गए प्रश्नपत्र असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे।
ठाणे पुलिस ने शुक्रवार को भिवंडी की स्थानीय अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कुल 18 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें कथित सरगना बृजेंद्र गुप्ता भी शामिल है, जिसका नाम पहले ओडिशा पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े संबंधित कानूनों के तहत मामले दर्ज किए हैं।

