मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मिलकर ‘विराट गर्जना मोर्चा’ निकाला। इस प्रदर्शन में कांग्रेस और शरद पवार गुट के नेता भी शामिल हुए। मार्च के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। नेताओं का आरोप है कि SIR यानी मतदाता सूची की विशेष जांच प्रक्रिया से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया रोकने की मांग उठाई। उन्होंने चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की बात भी कही। वहीं उद्धव ठाकरे ने चुनावी व्यवस्था को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए।
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने इस आंदोलन को लोकतंत्र और लोगों के वोट के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है।
मुंबई में हुए इस मार्च की एक खास बात यह रही कि इसमें पार्टी के झंडों के बजाय तिरंगे का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शनकारियों ने SIR वापस लेने और चुनावी प्रक्रिया में बदलाव की मांग की।

