मुंबई: महाराष्ट्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने अब प्रोटीन पाउडर और न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स को लेकर बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) अब उन प्रोडक्ट्स की जांच करेगा, जिन्हें बाजार में पूरे खाने के विकल्प के तौर पर बेचा जा रहा है। विभाग यह पता लगाएगा कि ये प्रोडक्ट्स सेहत के लिए कितने सुरक्षित हैं और कंपनियां इनके बारे में सही जानकारी दे रही हैं या नहीं।
प्रोटीन पाउडर की गुणवत्ता की होगी जांच
आजकल फिटनेस और सेहत को लेकर लोग तरह-तरह के प्रोटीन पाउडर और हेल्थ सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को पूरे भोजन का विकल्प बताकर बेचती हैं। ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता, उनमें मौजूद पोषक तत्वों और पैकेट पर लिखी जानकारी की जांच की जाएगी।
FDA यह भी देखेगा कि कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के फायदे बताने के लिए कहीं भ्रामक दावे तो नहीं कर रही हैं।
पूरे खाने की जगह नहीं ले सकता हर प्रोटीन पाउडर
FDA ने साफ किया है कि प्रोटीन पाउडर को बिना सही जानकारी के पूरे भोजन का विकल्प मानना ठीक नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन के साथ विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है।
विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट को नियमित रूप से इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह लें। खासकर डायबिटीज और दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
गलत जानकारी देने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई
FDA की जांच में अगर किसी कंपनी के प्रोडक्ट की गुणवत्ता खराब मिलती है या उसके विज्ञापन और पैकेजिंग में गलत दावे पाए जाते हैं, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले हेल्थ सप्लीमेंट्स सुरक्षित हों और ग्राहकों को उनके बारे में सही जानकारी मिले।
मिलावटी सामान के खिलाफ लगातार कार्रवाई
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे पहले भी मिलावटी दूध, पनीर, खाने के तेल और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठा चुके हैं। अब हेल्थ सप्लीमेंट्स की जांच से ऐसी कंपनियों पर निगरानी बढ़ेगी, जो अपने प्रोडक्ट्स को सेहत के लिए फायदेमंद बताकर बेच रही हैं।
इस फैसले का उद्देश्य ग्राहकों को खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों और भ्रामक विज्ञापनों से बचाना है।

