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दिल्ली-एनसीआर: 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों की सेहत को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई

दिल्ली-एनसीआर में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों की सेहत को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। एक निजी डायग्नोस्टिक लैब द्वारा किए गए विश्लेषण में पता चला है कि पिछले छह महीनों के दौरान किए गए कार्डियक टेस्ट में से लगभग 46 प्रतिशत में असामान्य परिणाम पाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही हृदय संबंधी बीमारियों और खराब होती जीवनशैली की ओर संकेत करता है।78 हजार स्वास्थ्य जांचों के आधार पर तैयार हुई रिपोर्टरिपोर्ट लगभग 78 हजार स्वास्थ्य जांचों के आधार पर तैयार की गई है।

इन जांचों में 13 हजार से अधिक मामलों में गंभीर या असामान्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आईं। इनमें सबसे अधिक चिंता हृदय रोगों से जुड़े संकेतों को लेकर जताई गई है। अध्ययन के दौरान कुल 24,951 कार्डियक टेस्ट किए गए, जिनमें ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी, ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) और अन्य हृदय जांच शामिल थीं। इनमें से करीब 46 प्रतिशत रिपोर्टों में किसी न किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई।27 प्रतिशत चेस्ट एक्स-रे मिले असामान्यकेवल हृदय संबंधी जांच ही नहीं, बल्कि अन्य परीक्षणों में भी स्वास्थ्य जोखिम सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार 27 प्रतिशत चेस्ट एक्स-रे में भी असामान्य परिणाम मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बताती है कि बड़ी संख्या में लोग बिना किसी स्पष्ट लक्षण के गंभीर बीमारियों की ओर बढ़ रहे हैंउम्र बढ़ने के साथ हृदय रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहाअध्ययन में उम्र के आधार पर भी महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं।

30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में असामान्य कार्डियक परिणामों की दर 11 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा 40 से 50 वर्ष की आयु वाले पुरुषों में बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया, जबकि 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह दर 20 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे स्पष्ट होता है कि उम्र बढ़ने के साथ हृदय रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ता है।खान-पान जैसी आदतें जोखिम को बढ़ा रहींविशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक काम करना, लगातार मानसिक तनाव, पर्याप्त नींद की कमी, शारीरिक गतिविधियों का अभाव और असंतुलित खान-पान जैसी आदतें पुरुषों में हृदय और मेटाबॉलिक बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रही हैं। डॉ. हर्ष महाजन ने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फैटी लिवर, किडनी रोग और हृदय संबंधी कई बीमारियां शुरुआती चरण में बिना लक्षण के विकसित होती हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार ही गंभीर जटिलताओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और समय-समय पर हेल्थ चेक-अप कराने की अपील की है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )