Education : देश के कई इलाकों और लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के दो दिन बाद, दिल्ली सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे 923 कोचिंग सेंटरों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं, ताकि वहां फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) और बिल्डिंग नियमों के पालन की जांच की जा सके।लखनऊ की जिस इमारत में आग लगी थी, उसमें एक एनिमेशन सेंटर भी चल रहा था।
इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश पीड़ित छात्र थे।सुरक्षा अभियान की मुख्य बातेंप्रमुख कोचिंग हब पर नजर: शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवारिया सराय जैसे दिल्ली के प्रमुख कोचिंग इलाकों में तुरंत जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।संयुक्त टीमों का गठन: इस अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) को एक साथ मैदान में उतारा गया है।
रोजाना की रिपोर्ट: नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, एमसीडी (MCD) को निर्देश दिया गया है कि वह रोजाना की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे शिक्षा मंत्री के कार्यालय को सौंपे।सख्त कार्रवाई की चेतावनीजांच टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि कोचिंग संस्थान फायर सेफ्टी की सभी शर्तों, सरकारी नियमों और जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं या नहीं। एमसीडी ने पहले से सर्वे किए गए 923 कोचिंग सेंटरों का ब्यौरा अन्य जांच एजेंसियों को सौंप दिया है ताकि आपस में तालमेल बनाकर कार्रवाई की जा सके।

शिक्षा मंत्री सूद ने दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस को उन संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं जो नियमों का उल्लंघन करते हुए या बिना वैध अनुमति के चलते पाए जाएंगे।”छात्रों की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कोचिंग संस्थानों को सरकार और अदालतों द्वारा समय-समय पर जारी सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।”— आशीष सूद, शिक्षा मंत्री (दिल्ली)भविष्य की योजना: बनेगा नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्कयह फैसला गृह विभाग, एमसीडी, शहरी विकास विभाग, दिल्ली फायर सर्विस और उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में लिया गया।मौजूदा नियमों की कमियों को दूर करने और कोचिंग सेंटरों की जवाबदेही तय करने के लिए, शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (नियामक ढांचा) तैयार कर रहा है। इसका मकसद सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दिल्ली के सभी कोचिंग सेंटरों पर पैनी नजर रखने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाना है।

