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दिल्ली: बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच अब प्रांतीय स्कूल खेल सर्दियों के बजाय अक्तूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच अब प्रांतीय स्कूल खेल सर्दियों के बजाय अक्तूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। शिक्षा विभाग के नए परिपत्र के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदूषण के चरम महीनों में आउटडोर खेल प्रतियोगिताएं कराने के खिलाफ दायर याचिका का निस्तारण कर दिया।सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता हर्षिता नाथरानी ने अदालत को बताया कि शिक्षा विभाग ने दिल्ली स्टेट स्कूल गेम्स (डीएसएसजी) के लिए संशोधित परिपत्र जारी कर दिया है। नए कार्यक्रम के अनुसार सभी प्रतियोगिताएं अक्तूबर तक समाप्त हो जाएंगी। यही याचिका की मुख्य मांग थी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने संशोधित खेल कैलेंडर पर संतोष जताते हुए स्कूली छात्रों के समूह की याचिका बंद कर दी। अदालत ने माना कि नए कार्यक्रम से याचिकाकर्ताओं की मुख्य चिंता का समाधान हो गया है।याचिका में मांग की गई थी कि वार्षिक खेल कैलेंडर इस तरह तैयार किया जाए, ताकि सर्दियों में जब दिल्ली में वायु प्रदूषण सबसे अधिक होता है, तब आउटडोर खेल प्रतियोगिताएं न कराई जाएं।

छात्रों का कहना था कि जोनल, इंटर-जोनल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं ऐसे समय आयोजित होती हैं, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर और खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। ऐसे माहौल में बच्चों से कठिन शारीरिक गतिविधियां कराना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है और संविधान के अनुच्छेद 21 तथा 21ए के तहत मिले जीवन और शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन भी है।पहले सरकार ने कहा था-सर्दियों के दौरान आउटडोर गेम रोकना पूरी तरह संभव नहींयाचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा था कि जहरीली हवा में लगातार खेल गतिविधियों से बच्चों के फेफड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

इससे पहले फरवरी में सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल समीर वशिष्ठ ने अदालत में कहा था कि वार्षिक खेल कैलेंडर में बदलाव कर सर्दियों के दौरान आउटडोर खेल पूरी तरह रोकना संभव नहीं है।छात्रों की ओर से फैसले का स्वागत किया गयासोमवार की सुनवाई में छात्रों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्येल त्रेहान ने संशोधित कैलेंडर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने इसी उद्देश्य से याचिका दायर की थी और शिक्षा विभाग का यह फैसला सकारात्मक कदम है। नए कार्यक्रम से अब छात्र प्रदूषण के सबसे खराब दौर से पहले सुरक्षित माहौल में प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )