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दिल्ली: बांग्लादेशी गिरोह का खुलासा डिपोर्ट के बाद फिर भारत में घुसा

उत्तर पश्चिम जिला के विदेशी सेल ने एक ऐसे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद रुहुल अमीन को गिरफ्तार किया है, जो भारत से निर्वासित किए जाने के पांच माह बाद ही दोबारा अवैध रूप से भारत में घुस गया। पुलिस ने उसके एक साथी मोहम्मद जीबोन मिया उर्फ लिली को भी पकड़ा है। दोनों महेंद्र पार्क इलाके में किन्नर बनकर अवैध गतिविधियों में शामिल थे। जीबोन रसोईया का भी काम करता था। इनके कब्जे से पुलिस ने दो स्मार्ट फोन, बांग्लादेशी पहचान पत्र और मिर्च स्प्रे बरामद किया है। दोनों ढाका बांग्लादेश के रहने वाले हैं।

जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि जिले की विदेशी सेल अवैध रूप से दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस टीम को गुप्त रूप से सूचना मिली कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक जिले में अवैध रूप से रह रहे हैं। निरीक्षक विपिन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इनकी पहचान करने में जुट गई। छानबीन करने के बाद पुलिस ने आजादपुर मंडी के पास से दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ लिया।

इनके पास से दो मोबाइल फोन मिले, जिसमें प्रतिबंधित आईएमओ एप इंस्टॉल था, जिसके जरिए वह अपने परिवार वालों से बात करते थे। वहीं फोन से उनके बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला।

पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए एक 25 साल के मोहम्मद रुहुल अमीन को उत्तर पश्चिम जिला ने पिछले साल जून माह में गिरफ्तार कर उसे बांग्लादेश निर्वासित कर दिया था। इसके बावजूद वह दोबारा दिसंबर माह में बांग्लादेशी बार्डर के जरिए अवैध रूप से घुसकर पश्चिम बंगाल के रास्ते दिल्ली आकर साथी के साथ महेंद्र पार्क इलाके में रहने लगा।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह रात के समय में मंडी क्षेत्र में स्वयं को किन्नर बनकर लोगों को आकर्षित करते थे और अवैध गतिविधियों के दौरान ग्राहकों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल कर उनसे नकदी छीन लेते थे। रुहुल अमीन के बैग से पुलिस को एक मिर्च स्प्रे बरामद हुआ है। 36 साल का जीबोन मिया रसोइए का काम भी करता था। पुलिस दोनों नागरिकों को बांग्लादेश निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )