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बंगाल ने अवैध बंग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों के प्रत्यर्पण की प्रतीक्षा में ‘होल्डिंग सेंटर’ स्थापित करने का आदेश दिया

Bengal orders ‘holding centres’ for alleged Bangladeshi, Rohingya migrants awaiting deportation

बंगाल सरकार ने अवैध प्रवासियों के लिए होल्डिंग सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया

पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party की सरकार ने राज्य के सभी जिलों में अवैध प्रवासियों और विदेशी बंदियों के प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए “होल्डिंग सेंटर” स्थापित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश गृह एवं पहाड़ी मामलों विभाग के सचिव द्वारा जारी किया गया, जो कि राज्य के जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कोलकाता स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय को भेजा गया है।

आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का हवाला दिया गया है, जो उन प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया से संबंधित हैं जिन्हें बिना कानूनी दस्तावेजों के भारत में रहने का आरोप है। इनमें मुख्य रूप से बंग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासी शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी इस दिशा-निर्देश में कहा गया है, “इस संदर्भ में, अनिवार्य कार्रवाई करते हुए जिलों में पकड़ में आए विदेशी नागरिकों एवं मुक्त किए गए विदेशी बंदियों के लिए होल्डिंग सेंटर स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।”

इस पहल का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पकड़ और उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 20 मई को यह भी घोषणा की थी कि राज्य सरकार एक “डिटेक्ट, डिलिट और डिपोर्ट” नीति लागू करेगी ताकि अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को रोका जा सके।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी अवैध प्रवासियों के मुद्दे को प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें कानूनी कार्रवाई के तहत निकाला जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, होल्डिंग सेंटर बनाने से न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी बल्कि इससे मानवाधिकारों की रक्षा के लिए बेहतर निगरानी और सुविधा भी सुनिश्चित होगी। हालांकि, इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक होगा।

पृष्ठभूमि के तौर पर, पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में भारत-अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक अवैध प्रयोगों की संख्या बढ़ी है, जिससे कई बार स्थानीय प्रशासन चुनौतीपूर्ण स्थिति में रहा है। इसीलिए ऐसे होल्डिंग सेंटर स्थापित कर प्रवासियों को नियंत्रित करना और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को क़ानूनी ढांचे के भीतर रखना शासन की प्राथमिकता बनी है।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)