भगवंत मान करेंगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात, उठाएंगे “गैरकानूनी दलबदल” का मुद्दा
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने को “अवैध” और “गैरकानूनी दलबदल” बताते हुए इस मुद्दे को उठाएंगे।
मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति भवन से बैठक की पुष्टि मिल गई है और वे इस मामले पर राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने कहा, “जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद पंजाब और उसके लोगों के गद्दार हैं और इन्हें किसी दया की जरूरत नहीं है।”
आपके राज्यसभा सांसद राघव चड्डा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता ने अप्रैल में पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर लिया, जिससे आप की संख्या दस से घटकर सिर्फ तीन रह गई है। यह आप के लिए एक बड़ा झटका है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग इस दलबदल को सामान्य या परंपरा बताने की कोशिश कर रहे हैं, वे जनता के निर्णय की भारी अवहेलना कर रहे हैं। यह मान्य नहीं है और ऐसे लोग अपनी निष्ठा बदलने को तैयार हैं।”
पंजाब सरकार की मजबूती पर गौर करते हुए मान ने कहा, “राज्य सरकार को सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह पूर्ण विश्वास हासिल है, इसलिए फ्लोर टेस्ट की आवश्यकता नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि बजट औपचारिक रूप से पारित हो चुका है और हर विधेयक को सफलतापूर्वक सदन में मंजूरी मिली है, जो सरकार के बहुमत को स्पष्ट दर्शाता है।
मुख्यमंत्री मान ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा, “जो लोग विधानसभा सत्र बुलाने की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले केंद्र सरकार की गारंटियों के संबंध में जवाब देना चाहिए, तभी वे हमारे ऊपर सवाल कर सकते हैं।”