भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में बेहद तेजी से बढ़ी थी। ड्रीम 11, गमेस् क्राफ्ट और Games24x7 जैसी कंपनियों ने करोड़ों यूजर्स को अपनी तरफ खींचा और फैंटेसी स्पोर्ट्स से लेकर रियल मनी गेम्स तक का बाजार अरबों रुपये का बन गया। लेकिन अब इस इंडस्ट्री को सुप्रीम कोर्ट से ऐसा झटका लगा है, जिसने पूरे सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग पर लगाए गए 28% GST को पूरी तरह सही ठहराया और करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की पिछली टैक्स मांगों को भी वैध माना।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों, कसीनो, टर्फ क्लब्स और इंडस्ट्री संगठनों की तरफ से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में GST नोटिस और ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स लगाने वाले कानूनी ढांचे को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने साफ कहा कि केंद्र सरकार और GST काउंसिल द्वारा लिया गया फैसला संवैधानिक रूप से सही है। अदालत ने यह भी माना कि ऑनलाइन गेमिंग में लगाए जाने वाले पैसे बेटिंग और गैम्बलिंग यानी सट्टेबाजी और जुए जैसी गतिविधियों की श्रेणी में आते हैं।

