सेक्टर-73 स्थित संस्थागत परियोजना एंथोरियम के कई खरीदारों ने बिल्डर पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। इससे जुड़ी कई शिकायतें खरीदारों ने नोएडा प्राधिकरण में की हैं। प्राधिकरण ने मध्यस्थता के साथ बैठक बुलाई है। इसमें बिल्डर को बिल्डर-खरीदार एग्रीमेंट का पालन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि खरीदार इस बैठक से संतुष्ट नहीं हैं।
खरीदारों का आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी बिल्डर के पक्ष में हैं। लेआउट में बदलाव की मंजूरी खरीदारों के फर्जी हस्ताक्षर से ली गई है। इसके साथ ही कई अन्य हेरफेर भी किए गए हैं। परियोजना में करीब 700 खरीदार शामिल हैं। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक इन खरीदारों ने संस्थागत प्लॉट पर अपने ऑफिस या आईटी कंपनी के लिए खरीदा है। इनमें से कई खरीदारों ने मिलकर एंथूरियम ऑफिस अलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन बनाई है। एसोसिएशन की अध्यक्ष कल्पना सचान ने कहा कि पहले टावर ए और बी भूतल और 12 तल के प्रस्तावित थे। इसमें एक टावर 7 फ्लोर, वहीं दूसरे को 16 मंजिल का कर दिया गया है। इसके लिए कोई मंजूरी भी नहीं ली गई। खरीदार अनूप सिंह का कहना है कि प्राधिकरण और बिल्डर की बैठक में डमी खरीदार बुलाकर वास्तविक खरीदारों की आवाज दबाने की कोशिश की गई है। आरोप है कि प्राधिकरण अधिकारी बिल्डर के संरक्षण में हैं। अनूप का दावा है कि परियोजना में 180 एनआरआई खरीदार हैं। यह भी विभिन्न माध्यम से शिकायत कर रहे हैं।
नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग की जीएम मीना भार्गव ने बताया कि शिकायतों पर निस्तारण के लिए बिल्डर व खरीदार दोनों पक्ष की बैठक बुलाई गई थी। प्राधिकरण ने पार्ट-ओसी (अधिभोग प्रमाणपत्र) जारी किया है। बिल्डर को बिल्डर-बायर एग्रीमेंट का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं

