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ग्रेटर नोएडा: 25-29 सितंबर को जुटेंगे दुनिया भर के खरीदार

ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में 80 देशों के 500 से अधिक खरीदार आने की उम्मीद है। इनमें से अब तक 75 देशों के 340 से ज्यादा ग्राहकों ने आने की पुष्टि भी कर दी है। यूपीआईटीएस प्रदेश के उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के दरवाजे खोलने वाला साबित होगा।
यूपीआईटीएस में ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाकर वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को फायदा होगा, बल्कि निर्यात और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इसका उद्देश्य प्रदेश को निर्यात के माम में शीर्ष पायदान पर ले जाना और निवेश आकर्षित करना है। सरकार चाहती है कि यूपी के हर जिले का हुनर वैश्विक बाजारों तक पहुंचे।
यूरोप से 110 ग्राहकों के आने की संभावना है, जिनमें से 88 ने पहले ही सहमति दे दी है। पश्चिम एशिया से 100 ग्राहकों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 12 देशों के 76 खरीदार अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर चुके हैं। इसी तरह साउथ ईस्ट एशिया से 80 खरीदारों के आने की उम्मीद है, जिनमें से पांच देशों के 10 खरीदार पुष्टि कर चुके हैं।
साउथ एशिया रीजन से 50 में से 30 खरीदार आने वाले हैं। वहीं, लैटिन अमेरिकी देशों से 50 ग्राहकों के आने की संभावना है, जिनमें से 6 देशों के 27 ने सहमति दी है। नॉर्थ अमेरिका से 30 खरीदारों की उम्मीद है और इनमें से 3 देशों के 9 आने को तैयार हैं। अफ्रीका से 50 खरीदारों का लक्ष्य है, जिनमें 11 देशों के 38 बायर्स पहले ही सहमति दे चुके हैं।


17 प्रमुख सेक्टरों में लगेगी प्रदर्शनी
इस मेगा इंटरनेशनल शो को खास बनाने के लिए 17 प्रमुख सेक्टर्स के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश की विशेष पहचान बनाने वाले उत्पाद और ओडीओपी विशेष रूप से प्रदर्शित होंगे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}