दिल्ली में बीएस-IV ट्रकों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, जरूरी सामान ले जाने वाले और जरूरी सेवाएं देने वाले ट्रकों को इससे छूट दी गई है। इसके अलावा एलएनजी, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-VI डीजल ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई है, ताकि जरूरी सप्लाई चेन प्रभावित न हो। साथ ही, दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-IV और उससे नीचे के डीजल भारी मालवाहक वाहनों के चलने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों के। इसके अलाव, प्रदूषण के बड़े स्रोत माने जाने वाले निर्माण कार्यों पर भी कड़ा फैसला लिया गया है। ग्रेप स्टेज-तीन की तरह ही अब सभी निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसके साथ-साथ हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन लाइन, पाइपलाइन और टेलीकम्युनिकेशन जैसे लीनियर पब्लिक प्रोजेक्ट्स पर भी काम बंद रहेगा। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को दी हिदायत
सीएक्यूएम के अधिकारियों ने एनसीआर के लोगों से अपील की है कि वे ग्रेप के तहत जारी सिटीजन चार्टर का पालन करें। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस, हृदय या अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को बाहर निकलने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सभी के सहयोग से ही क्षेत्र की हवा को साफ और सुरक्षित बनाया जा सकता है। रात के समय निरीक्षण, कचरा जलाने के 65 मामले पकड़े गए
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत उत्तरी दिल्ली में शाम और रात के समय विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। यह कार्रवाई ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के अंतर्गत की गई। 14 जनवरी, 2026 को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक जहांगीरपुरी, शालीमार बाग और वजीरपुर इलाकों में सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने निरीक्षण किया। इस दौरान कचरा और बायोमास जलाने तथा कचरा खुले में फेंकने के कुल 65 मामले सामने आए। इनमें 47 मामले कचरा या बायोमास जलाने के और 18 मामले कचरा फेंकने के पाए गए। अधिकतर लोग ठंड से बचने के लिए सड़कों, दुकानों और खुले स्थानों पर कचरा जलाते हुए पाए गए। आयोग ने दिल्ली नगर निगम सहित संबंधित एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई करने और रात में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

