सरकार गूगल मैप्स के साथ मिलकर ट्रैफिक और वाहन प्रदूषण के हॉटस्पॉट चिन्हित करेगी। मंत्री ने कहा कि पहले 13 हॉटस्पॉट थे, जो अब बढ़कर 62 हो गए हैं। लक्ष्य है कि 100 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां खास कदम उठाए जाएं। दिल्ली में प्रदूषण के चार मुख्य स्रोत वाहन, उद्योग, धूल और कचरा हैं। सड़कों की सफाई के लिए एमसीडी को अगले 10 साल में 2700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके तहत मैकेनिकल रोड स्वीपर, लिटर पिकर और वॉटर स्प्रिंकलर खरीदे जाएंगे। पीडब्ल्यूडी को 70 रोड स्वीपर और करीब 300 वॉटर स्प्रिंकलर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। 100 नई इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी के फ्लीट में शामिल होंगी
मंत्री ने बताया कि सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण पर भी काम कर रही है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के साथ समझौता किया गया है, ताकि स्मॉग ईटिंग सतहों की पहचान और परीक्षण किया जा सके। लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर लाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर कचरा जलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू, सरकार सख्त
राजधानी में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू है। मंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने वाहनों के पीयूसी जरूर बनवाएं। बृहस्पतिवार से जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों से अपील है कि वे केवल भारत स्टेज-6 (बीएस-6) मानकों वाले वाहन ही राजधानी में लाएं

