प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने बनाया नया प्लान। गड्ढों की डिजिटल मॉनिटरिंग कराई जाएगी। इसके अलावा कल से जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई
प्रदूषण अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी पीयूसीसी सिस्टम की थर्ड पार्टी एजेंसी निगरानी करेगी। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि इससे जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी। वाहनों की भीड़ कम करने के लिए सरकार जल्द ही एक कार-पूलिंग एप लेकर आ रही है।
सड़कों की बेहतर सफाई और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए स्मार्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार कार-पूलिंग को बढ़ावा देने के लिए एक आसान और यूजर फ्रेंडली ऐप विकसित कर रही है। इसका मकसद निजी वाहनों की संख्या कम करना और सड़कों पर ट्रैफिक दबाव घटाना है।
इसके साथ ही शहर में गड्ढों की निगरानी के लिए भी थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त की जा रही है। एजेंसी सालभर सर्वे करेगी, पूरे शहर में घूमकर गड्ढों की पहचान करेगी, फोटो लेगी और डेटा संबंधित विभागों को देगी। इसके लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने टेंडर जारी कर दिया है। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सरकार ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार कर रही है। मंत्री ने कहा कि अभी जाम के दौरान भी सिग्नल तय समय तक लाल रहता है, जिससे हालात और बिगड़ते हैं। नई व्यवस्था में जाम की स्थिति के मुताबिक सिग्नल का समय बदला जा सकेगा।
गूगल मैप्स के साथ सरकार करेगी काम
सरकार गूगल मैप्स के साथ मिलकर ट्रैफिक और वाहन प्रदूषण के हॉटस्पॉट चिन्हित करेगी। मंत्री ने कहा कि पहले 13 हॉटस्पॉट थे, जो अब बढ़कर 62 हो गए हैं। लक्ष्य है कि 100 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां खास कदम उठाए जाएं। दिल्ली में प्रदूषण के चार मुख्य स्रोत वाहन, उद्योग, धूल और कचरा हैं। सड़कों की सफाई के लिए एमसीडी को अगले 10 साल में 2700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके तहत मैकेनिकल रोड स्वीपर, लिटर पिकर और वॉटर स्प्रिंकलर खरीदे जाएंगे। पीडब्ल्यूडी को 70 रोड स्वीपर और करीब 300 वॉटर स्प्रिंकलर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
100 नई इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी के फ्लीट में शामिल होंगी
मंत्री ने बताया कि सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण पर भी काम कर रही है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास के साथ समझौता किया गया है, ताकि स्मॉग ईटिंग सतहों की पहचान और परीक्षण किया जा सके। लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर लाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर कचरा जलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू, सरकार सख्त
राजधानी में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू है। मंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने वाहनों के पीयूसी जरूर बनवाएं। बृहस्पतिवार से जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों से अपील है कि वे केवल भारत स्टेज-6 (बीएस-6) मानकों वाले वाहन ही राजधानी में लाएं

