सेक्टर-80 स्थित एक औद्योगिक भवन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिना मालिक की अनुमति दूसरे को किराये पर देने का मामला सामने आया है। भवन स्वामी की शिकायत पर फेज-2 पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।आरोप है कि फर्जी किरायानामे के आधार पर संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग कर कंपनियों का पंजीकरण कराया गया और करोड़ों रुपये का ऋण भी हासिल किया गया। दिल्ली के पंजाबी बाग निवासी संजीव शाही ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दिसंबर 2022 में अपनी औद्योगिक संपत्ति एक निजी कंपनी की निदेशक नीलम सिंह को लीज पर दी थी। लीज की शर्तों के अनुसार उनकी लिखित अनुमति के बिना भवन को किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को सबलेट नहीं किया जा सकता था।
उन्होंने भवन का कुछ हिस्सा और छत अपने पास सुरक्षित रखी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उन्हें परिसर में प्रवेश से रोका गया। जांच कराने पर पता चला कि उनकी सहमति और कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर अप्रैल 2024 में नया किरायानामा तैयार कर संपत्ति का हिस्सा अन्य कंपनियों को दे दिया गया। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है

