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नोएडा: जिला अस्पताल में जानवरों की सिरिंज खरीदने का मामला

जिला अस्पताल में जानवरों की सिरिंज खरीदने का ऑर्डर 2 दिसंबर को किया गया था और 15 दिन के भीतर 17 दिसंबर तक सिरिंज का आर्डर अस्पताल में डिलीवर हो गया था। अस्पताल की ओर से किए गए ऑर्डर का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से किया गया था। इसके लिए सीएमएस की ओर से फाइनेंशियल अप्रूवल दिया गया था और अकाउंटेंट के माध्यम से भुगतान हुआ था। सिरिंज खरीदने के दौरान हुए अनुबंध में यह हकीकत सामने आई है।

जानवरों की सिरिंज खरीदने के मामले में अस्पताल के अधिकारियों की ओर से गोलमोल जवाब देकर अपनी लापरवाही के साथ ही मामले को छिपाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि डिलीवरी होने से पहले ही ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया और ऑर्डर का भुगतान भी नहीं हुआ, लेकिन सिरिंज खरीदने के दौरान हुआ अनुबंध कुछ और ही कह रहा है। अनुबंध के खरीदार विवरण में डॉक्टर और भुगतान विवरण में अकाउंटेंट का नाम है। ऐसे में स्पष्ट है कि अस्पताल के डॉक्टर की सहमति से सिरिंज खरीदी गईं और भुगतान अकाउंटेंट के माध्यम से हुआ है। यह ऑर्डर 2 दिसंबर को हुआ था और 17 दिसंबर तक डिलीवरी हो गई थी। यही नहीं, भुगतान भी इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से किया गया है। ऐसे में स्पष्ट है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से लापरवाही को छिपाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है जबकि यह मामला शासन तक पहुंच चुका है।
1,20,000 सिरिंज आई थीं अस्पताल : जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से जेम पोर्टल के माध्यम से दो जगह 60-60 हजार जानवरों की सिरिंज खरीदी गईं। इसमें 5 एमएल की 60,000 और 30 एमएल की 60,000 सिरिंज खरीदी गईं। 5 एमएल वाली सिरिंज की कीमत 2,97,000 और 30 एमएल वाली सिरिंज की कीमत 3,60,000 थीं। सिरिंज का कुल भुगतान 6,57,000 रुपये का अस्पताल प्रशासन की ओर से इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से किया गया है।
-तीन महीने बाद सामने आया मामला : दिसंबर का यह मामला अप्रैल के महीने में सामने आया है, जब वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा था और रिकॉर्ड चेक किया जा रहा था। ऑर्डर के मुताबिक वित्तीय स्वीकृत विवरण में सीएमएस ही उल्लेखित है। इसमें प्रशासनिक अनुमोदक का पद नाम और वित्तीय अनुमोदक के पद नाम में भी सीएमएस ही लिखा हुआ है। ऐसे में स्पष्ट है कि प्रशासनिक और फाइनेंशियल अप्रूवल सीएमएस की ओर से ही दिया गया है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )