सेक्टर-62 में बन रहे स्काडा कंट्रोल रूम का लाभ 2027 तक उपभोक्ताओं को मिलेगा। 603 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कंट्रोल रूम से उपभोक्ताओंं को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी। स्काडा कंट्रोल रूम के तहत शहर के उपकेंद्रों को जोड़ा जाएगा। साथ ही ट्रांसफार्मरों को भी कनेक्ट किया जाएगा। ताकि एक ट्रांसफार्मर में दिक्कत आने पर उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को नजदीकी ट्रांसफार्मर से आपूर्ति दी जा सके।
विद्युत निगम के फिलहाल 88 उपकेंद्र हैं जिनसे उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। वर्तमान में अगर ट्रांसफार्मर में दिक्कत आती है तो दोबारा आपूर्ति बहाल करने में कम से कम डेढ़ घंटा लगता है। अधीक्षण अभियंता तकनीकी विवेक कुमार ने बताया कि स्काडा के तहत ये समय कम हो जाएगा। आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में एक कमांड देते ही संबंधित क्षेत्र में बिजली सुचारू हो जाएगी।

