केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC के नए बोर्ड का गठन कर दिया है। पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि को इसकी कमान सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में तैयार की गई समिति में भारतीय सिनेमा से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं। नया बोर्ड तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा।
नई समिति में बॉलीवुड के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा और संगीत जगत से जुड़े कई जाने-माने लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, प्रसेनजीत चटर्जी, रुपाली गांगुली और प्रियदर्शन को जगह मिली है। तीन बार ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुके संगीतकार रिकी केज भी इस पैनल का हिस्सा हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नीला माधब पांडा, अभिनेता मनोज जोशी, गुजराती फिल्म निर्माता अभिषेक जैन और तेलुगु फिल्म निर्माता सुप्रिया यारलागड्डा को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, कवि-लेखक यतींद्र मिश्रा, निशिगंधा वाड और गायक एवं पूर्व सांसद हंसराज हंस भी नई समिति के सदस्य हैं।
लंबे समय बाद हुआ बोर्ड का पुनर्गठन
CBFC में यह बदलाव लंबे अंतराल के बाद किया गया है। वर्ष 2017 के बाद पहली बार बोर्ड का नया पैनल तैयार हुआ है। सामान्य तौर पर CBFC सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन 2017 के बाद से करीब नौ वर्षों तक बोर्ड का आधिकारिक पुनर्गठन नहीं हुआ था।
नई समिति में पुरानी टीम के सिर्फ दो सदस्यों को दोबारा जिम्मेदारी मिली है। इनमें निर्देशक वामन केंद्रे और वरिष्ठ लेखक रमेश पतंगे शामिल हैं।
शशि शेखर वेम्पटि ने नए सदस्यों का किया स्वागत
नए बोर्ड के गठन के बाद CBFC अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पटि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने नई समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी।
उन्होंने नई सूची साझा करते हुए लिखा, ‘सीबीएफसी के सभी नए बोर्ड सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक स्वागत।’
हाल में हुई थी अहम बैठक
CBFC का पुनर्गठन ऐसे समय किया गया है, जब हाल ही में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। शशि शेखर वेम्पटि की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में फिल्मों के प्रमाणन से संबंधित प्रक्रिया पर चर्चा की गई थी।
बैठक के दौरान फिल्मों को सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ रिवाइजिंग कमेटी से जुड़े संवेदनशील और लंबित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ था।
फिल्मों को सर्टिफिकेट देता है CBFC
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत में सिनेमाघरों और सार्वजनिक मंचों पर प्रदर्शित होने वाली फिल्मों की जांच करने वाली प्रमुख संस्था है। फिल्मों की समीक्षा के बाद CBFC उनके सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र जारी करता है।
सिनेमेटोग्राफ एक्ट और उससे जुड़े नियमों एवं दिशानिर्देशों के तहत बोर्ड फिल्मों को U, U/A या A श्रेणी में प्रमाणित करता है। नई 18 सदस्यीय समिति अब इसी प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेगी।

