पुणे स्थित शिक्षिका को 2026 NEET-UG पेपर लीक मामले में सीबीआई ने किया गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को 2026 के अंडरग्रेजुएट राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक मामले में पुणे की एक जीव विज्ञान शिक्षिका को हिरासत में लिया। यह परीक्षा भारत में मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है और इस वर्ष 22 लाख से अधिक उम्मीदवार इसमें शामिल हुए थे।
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मांढरे हैं, जिन्हें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। उन्हें परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के तहत वनस्पति और प्राणि विज्ञान के प्रश्न पत्रों तक पहुँच मिली थी। मांढरे को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया और रविवार को उन्हें 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया है, ANI ने इसकी पुष्टि की।
यह गिरफ्तारी उस दिन के बाद आई है जब केंद्र ने पुणे से इस पेपर लीक मामले के प्रमुख आरोपी को भी गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी, जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की ओर से रसायन शास्त्र के प्रवक्ता हैं, को केंद्र ने ‘किंगपिन’ के रूप में चिन्हित किया है।
मांढरे की भूमिका
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मांढरे ने संभावित NEET उम्मीदवारों को दूसरी आरोपी, मनीषा वाघमारे, जो कि गुरुवार को गिरफ्तार हुई थीं, के माध्यम से जुटाया था। अप्रैल में पुणे स्थित मांढरे के घर में विशेष कोचिंग क्लास आयोजित की गई थीं, जहाँ कथित तौर पर वनस्पति और प्राणि विज्ञान के कई प्रश्न साझा किए गए, चर्चा की गई और विद्यार्थियों को बताए गए।
इस जांच की प्रगति से परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की कमियों और धोखाधड़ी की जटिलता उजागर हुई है, जिसके चलते परीक्षा प्रणाली की समीक्षा एवं कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
सरकारी अधिकारी लगातार इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच में लगे हुए हैं, ताकि भविष्य की परीक्षाओं में इस प्रकार की गड़बड़ी न हो सके और प्रतियोगियों के हितों की रक्षा की जा सके।