सीबीएसई कक्षा 12 मूल्यांकन प्रणाली में पाई गई कमजोरियों को नियंत्रण में करने का दावा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने रविवार को कक्षा 12 के बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम, OnMark पोर्टल, में साइबर सुरक्षा कमजोरियों की पुष्टि की है। बोर्ड ने बताया कि पहचानी गई कमजोरियाँ अब नियंत्रण में हैं और अन्य संभावित कमजोरियों की जांच जारी है।
इस स्पष्टीकरण की वजह पिछले दो सप्ताह के दौरान CBSE के On-Screen Marking मूल्यांकन प्रक्रिया में कई असंगतियों की रिपोर्टिंग थी। कई विद्यार्थियों ने आरोप लगाया था कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उनके हस्ताक्षर से मेल नहीं खातीं, जिससे उत्तर पुस्तिका गलत होने का संदेह उत्पन्न हुआ।
पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों ने पोर्टल में तकनीकी खामियों की भी शिकायत की। इसमें भुगतान की पुष्टि में देरी, पोर्टल की विफलताएँ तथा कभी-कभी अतिरिक्त शुल्क वसूली जैसे मामलों का उल्लेख शामिल था।
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा शोधकर्ता निसर्ग अधिकारी ने सोशल मीडिया पर बताया कि OnMark पोर्टल का लिंक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध था और उसके कोड का विश्लेषण करने पर ऐसी कमजोरियां मिलीं, जिनसे परीक्षक के खातों को हैक किया जा सकता था। उन्होंने 22 मई को यह मुद्दा इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) को बताया और अपनी विस्तृत रिपोर्ट भी प्रकाशित की।
CBSE ने रविवार को कहा कि वह इस मामले में लगातार नजर रखे हुए है और पहचानी गई कमजोरियों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा चुका है। बोर्ड अन्य संभावित कमज़ोरियों को भी पहचानने और रोकने के लिए कार्यरत है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनी रहे।
यह मामला उस चुनौती को उजागर करता है, जिसमें आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के जरिए बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को और अधिक पारदर्शी तथा कुशल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन साथ ही सुरक्षा और भरोसेमंदता को भी सुनिश्चित करना आवश्यक है। CBSE की कोशिश है कि तकनीकी खामियों को दूर करके विद्यार्थियों का भरोसा बनाए रखा जाए और कोई भी त्रुटि मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित न करे।
सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना बोर्ड को तुरंत दें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। CBSE की प्रतिबद्धता है कि परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।