दिल्ली परिवहन विभाग ने बुधवार को ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्ट्स के सामूहिक पंजीकरण (बल्क रजिस्ट्रेशन) से जुड़ा अपना पुराना सर्कुलर वापस ले लिया है।
यह सर्कुलर पहले कंपनियों को एक साथ कई वाहनों को अपने नाम पर रजिस्टर करने की अनुमति देता था।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि, इस फैसले का मकसद कुछ कंपनियों के हाथों में स्वामित्व का केंद्रीकरण रोकना है।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के शोषण को कम करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
इस फैसले से क्या बदलाव आएगा?
अब ई-रिक्शा का स्वामित्व सीधे ड्राइवरों के पास रहेगा, जिससे उन्हें ज्यादा आर्थिक अवसर मिलेंगे।
यह कदम एकाधिकार की संभावना को भी कम करेगा और छोटे ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाएगा

