दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों पर पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) (ईसीसी) बढ़ा दिया है। यह कदम मुख्य रूप से डीजल ट्रकों और प्रदूषण फैलाने वाले भारी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
किन वाहनों के लिए कितना बढ़ाया गया शुल्क?
बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, संशोधित दरें तुरंत प्रभाव से लागू होंगी। नया शुल्क ढांचा इस प्रकार है:
- हल्के व्यावसायिक वाहन और 2-धुरी (एक्सल) वाले ट्रक: इनका शुल्क 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।
- भारी और 3-धुरी या उससे अधिक वाले ट्रक: इनका शुल्क 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया है।
सालाना 5% बढ़ोतरी का नियम क्या है?
सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि हर साल अप्रैल में ईसीसी में 5 प्रतिशत की स्वतः वृद्धि की जाएगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि समय के साथ महंगाई के कारण पुराने शुल्कों का असर कम हो गया था। इसलिए सालाना बढ़ोतरी जरूरी है ताकि ट्रांसपोर्टर्स स्वच्छ ईंधन (क्लीन फ्यूल) के विकल्पों की ओर बढ़ें।
दिल्ली सरकार के अनुसार, इस बढ़ोतरी का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदूषण को रोकना है।
- पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग: सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि जिन आवश्यक वस्तुओं को दिल्ली नहीं लाना है, उन ट्रकों को शहर के बाहर बने पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करना चाहिए।
- डीजल वाहनों पर सख्ती: डीजल से चलने वाले भारी वाहनों को दिल्ली की खराब हवा का मुख्य कारण माना गया है।
क्या कहता है प्रशासन?
पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा, “दिल्ली अब अनावश्यक वाहनों के प्रदूषण का बोझ और नहीं उठा सकती। हमने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश की पर्यावरणीय कीमत अब बहुत अधिक होगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार स्वच्छ परिवहन और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है।

