दिल्ली में डिलीवरी बॉय पर हुई पुलिस फायरिंग: एक मौत, एक गंभीर घायल
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में एक गंभीर घटना ने पूरे शहर को शोकाकुल कर दिया है। जाफरपुर कलां इलाके में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे दो युवकों पर एक पुलिसकर्मी द्वारा फायरिंग की गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ। आरोपी हेड कांस्टेबल नीरज अब फरार है, और मामले की जांच जारी है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
पुलिस के अनुसार, मृतक युवक पांडव कुमार, एक डिलीवरी बॉय थे, जबकि घायल युवक कृष्ण है। दोनों शनिवार की रात अपने दोस्त रूपेश के जन्मदिन समारोह से लौट रहे थे। घटना के वक्त वे मेन रावता रोड पर एक मोटरसाइकिल पर सवार थे, जहां भीड़ जुटी हुई थी। इसी स्थान पर पुलिसकर्मी नीरज ने विवाद छेड़ा और गाली-गलौच के बाद गोली चला दी।
विवाद का कारण और गोलीबारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नीरज नशे में था और उसने ‘तुम बिहारी हो, यहां से भागो’ कहकर विवाद शुरू किया। पांडव ने इसका विरोध किया, जिससे तनाव बढ़ गया। गुस्साए नीरज ने अपनी पिस्तौल निकाली और पहले पांडव के सिर की तरफ हथियार ताने, फिर उसकी छाती में गोली मार दी। गोली लगने से पांडव की मृत्यु हो गई, जबकि पीछे बैठे कृष्ण भी घायल हो गया।
फरार आरोपी और पुलिस कार्रवाई
जैसे ही गोली चली, नीरज मौके से फरार हो गया। तुरंत आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांडव को मृत घोषित किया गया। कृष्ण का इलाज जारी है। पुलिस ने हत्या और प्रयास हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कई टीमें गठित की गई हैं।
स्थानीय लोगों और परिवार का आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय निवासी और मृतक के परिजन थाने के सामने जमा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ नारे लगाए गए। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।
पांडव कुमार का परिवार और आर्थिक स्थिति
पांडव कुमार का निधन उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। वे उत्तम नगर की प्रजापति कॉलोनी में रहते थे और बिहार के खगड़िया जिले से थे। परिवार के पिता गणेश का कहना है कि पांडव परिवार के मुख्य कमाने वाले थे, जिनकी मृत्यु से परिवार पर आर्थिक संकट छा गया है। परिवार में माता, एक छोटा भाई और विवाहित बहन हैं, जिनकी जिम्मेदारी वे संभालते थे।
समाज और पुलिस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न
यह घटना पुलिस व्यवस्था और उसके संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाती है, खासकर जब आरोप झेलना वाला खुद एक पुलिसकर्मी है। जांच जारी है और पूरे देश की निगाहें इस बात पर लगी हैं कि आरोपी को जिम्मेदारी के साथ सजा मिलेगी या नहीं।