इस मामले में साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि बीटा-2 थाना क्षेत्र निवासी यशपाल भाटी ने बताया कि नवंबर में अंजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने पहले खुद को बीमा कंपनी और बाद में एनपीसीआई का अधिकारी बताया। आरोपी ने उनकी पॉलिसियां मेच्योर होने का झांसा दिया और बताया कि उन्हें 1.23 करोड़ रुपये मिलेंगे।
इसके बाद जनवरी तक अलग-अलग नंबरों से कॉल कर प्रोसेसिंग फीस, पेनल्टी, टैक्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट फीस के नाम पर बैंक खातों में 25 लाख 46 हजार 932 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जब राशि नहीं मिली तो पीड़ित ने एनसीआरपी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि खातों का ब्योरा पुलिस खंगाल रही है।
नोएडा: साइबर ठगों ने बीमा कंपनी और एनपीसीआई अधिकारी बताकर की ठगी
इस मामले में साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि बीटा-2 थाना क्षेत्र निवासी यशपाल भाटी ने बताया कि नवंबर में अंजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने पहले खुद को बीमा कंपनी और बाद में एनपीसीआई का अधिकारी बताया। आरोपी ने उनकी पॉलिसियां मेच्योर होने का झांसा दिया और बताया कि उन्हें 1.23 करोड़ रुपये मिलेंगे।
इसके बाद जनवरी तक अलग-अलग नंबरों से कॉल कर प्रोसेसिंग फीस, पेनल्टी, टैक्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट फीस के नाम पर बैंक खातों में 25 लाख 46 हजार 932 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जब राशि नहीं मिली तो पीड़ित ने एनसीआरपी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि खातों का ब्योरा पुलिस खंगाल रही है।

