रेबीज से जान बचाने और बीमारी को आगे फैलने से रोकने में शुरुआती रिपोर्टिंग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लोगों को आसानी से उपचार मिल सके उसके लिए दिल्ली के 11 जिलों में स्थित 59 स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि एंटी-रेबीज सीरम/रैबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन दिल्ली के 33 चिह्नित स्वास्थ्य सुविधा एवं अस्पतालों में भी उपलब्ध है। दिल्ली सरकार से मिलने वाली यह सुविधाएं रेबीज की रोकथाम और स्वास्थ्य व्यवस्था में कारगर साबित होंगी। स्टेट एक्शन प्लान को दिया जा रहा अंतिम रूप
दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर रेबीज खत्म करने के लिए स्टेट एक्शन प्लान को अंतिम रूप देने में जुटी है। रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करना कुत्तों से फैलने वाले रेबीज से इंसानों की मौत के आंकड़े को शून्य करने के लक्ष्य को पाने की दिशा में एक अहम कदम है। दिल्ली सरकार इंसानों के साथ-साथ कुत्तों और दूसरे जानवरों के लिए भी रेबीज वैक्सीनेशन की सुविधाओं को और ज्यादा मजबूत कर रही है। रेबीज रोके जा सकने वाली बीमारी
इस अनिवार्य अधिसूचना से अधिकारियों को रेबीज की बीमारी के ट्रेंड को ट्रैक करने, इंसानों और जानवरों के स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच समन्वय बेहतर बनाने और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में लक्षित रोकथाम के उपाय लागू करने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेबीज एक रोकी जा सकने वाली बीमारी है। हमें रेबीज से होने वाली कोई भी मौत स्वीकार्य नहीं है। इंसानों में रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करने से सर्विलांस और ज्यादा मजबूत होगा।

