स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में वित्तीय गड़बड़ी की खबरों को खारिज किया
नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण और संचालन में कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और वित्तीय मानकों के अनुसार ही विकसित और संचालित किए गए हैं।
मंत्री ने कहा, “इन केंद्रों का विकास और रखरखाव भारत सरकार के वित्तीय और तकनीकी निर्देशों को पूरी तरह पालन करते हुए किया गया है। जो भी रिपोर्टें इन केंद्रों में अनियमितताओं का दावा कर रही हैं, वे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना में स्वीकृत बजट और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही सभी कार्य सम्पन्न हुए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचे का सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रत्येक केंद्र को बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए 25 लाख रुपए और फर्नीचर समेत आवश्यक सामग्री के लिए 1 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य अनुभव देने, शोध और जांच की व्यवस्था मजबूत बनाने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम सरकारी मानकों के भीतर ही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 244 पीएम-एबीएचआईएम के अंतर्गत और 126 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हैं।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन केंद्रों के लिए आवंटित धनराशि पूरी तरह से स्वीकृत योजनाओं के अनुरूप ही खर्च की गई है। अब तक पीएम-एबीएचआईएम के तहत 58.30 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 8.50 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं, जिससे कुल 66.80 करोड़ रुपए की राशि उपयोग में लाई गई है।
इस प्रकार, दिल्ली सरकार और केंद्र की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आरोग्य मंदिरों का संचालन पारदर्शी, आर्थिक रूप से जिम्मेदार और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो।