Delhi High Court ने Arvind Kejriwal समेत AAP नेताओं के खिलाफ जारी किया आपराधिक अवमानना का नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्णा कांता शर्मा ने गुरुवार को दिल्ली शराब नीति मामले में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा और अपमानजनक टिप्पणियों के कारण आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य कई नेताओं के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की। यह जानकारी विधिक समाचार पोर्टल Bar and Bench ने दी।
न्यायाधीश शर्मा ने हालांकि इस मामले में देश के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल रिवीजन याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है, जो कि दिल्ली शराब नीति मामले में उनकी प्रतिक्रिया के खिलाफ थी।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ऐसा हो सकता है कि यदि मैं इस मामले की सुनवाई जारी रखूं तो अरविंद केजरीवाल और अन्य लोग यह सोचें कि मुझमें उनके प्रति पूर्वाग्रह है। इसलिए मैंने यह निर्णय लिया है कि इस मामले की सुनवाई किसी अन्य न्यायधीश की पीठ द्वारा की जाए।’’
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूर्व मुख्यमंत्री, मनीष सिसोदिया और आप के अन्य नेता दुर्गेश पाठक ने अप्रैल में न्यायाधीश शर्मा की सुनवाई का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। यह CBI द्वारा दाखिल उस याचिका से संबंधित है जिसमें शराब नीति मामले में ट्रायल कोर्ट के उनके पक्ष में आदेश को चुनौती दी गई थी।
20 अप्रैल को न्यायाधीश शर्मा ने उन आप नेताओं की एक याचिका खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उनकी याचिका में न्यायाधीश की ‘‘सांगठनिक निकटता’’ को कारण बताया गया था क्योंकि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी एक संस्था के कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।
आरएसएस भारत की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख संगठन है।
अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में कई तर्क प्रस्तुत किए हैं जो अभी सुनवाई के अंतर्गत हैं।
यह मामला दिल्ली के राजनीतिक और न्यायिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है और स्वतंत्र न्यायपालिका की भूमिका तथा राजनेताओं की सामाजिक मीडिया में अभिव्यक्ति की सीमा पर बहस को मजबूत कर सकता है।