• Thu. Jan 29th, 2026

नोएडा: दिल्ली सरकार से सेवानिवृत एक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे 12 लाख रुपये की ठगी कर ली

ByAnkshree

Dec 19, 2025
नोएडा। साइबर जालसाजों ने मनी लॉंन्ड्रिंग में शामिल बताकर दिल्ली सरकार से सेवानिवृत एक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे 12 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मामले में पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है।

सेक्टर-78 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले दिल्ली सरकार के सेवानिवृत अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने शिकायत में बताया कि वह अकेले घर पर रहते हैं। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। बच्चे बाहर नौकरी करते हैं। 29 नवंबर सुबह उनके पास एक शख्स का फोन आया और उसने खुद को क्राइम ब्रांच दिल्ली का अधिकारी प्रदीप सावंत बताया। इसके बाद उसने बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक दिल्ली में बैंक अकाउंट खोला गया है जिससे डेबिट कार्ड भी मिले हैं। इसी खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में किया गया है। ठग ने इतनी बात कर कॉल कट कर दी।
थोड़ी देर बाद उन्हें वॉट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आई और वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया। पीड़ित को बताया गया कि उनके नाम पर दिल्ली क्राइम ब्रांच में केस दर्ज है जिसकी जांच में उन्हें पुलिस की मदद करनी पड़ेगी। इसके बाद जालसाजों ने उनसे कहा कि वह डिजिटल अरेस्ट कर लिए गए है। बातचीत के दौरान जालसाजों ने कहा कि अगर मनी लॉंन्ड्रंग केस से बचना है तो एक पत्र भेजना होगा। इस पत्र में लिखना है कि उनका डेबिड कार्ड कहीं खो गया है और वह इस मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल नहीं हैं। पीड़ित ने ठग की बात मानकर पत्र भेज दिया। आरोपी प्रदीप सावंत ने 1 दिसंबर को पीड़ित को ऑनलाइन ही फर्जी कोर्ट में पेशी कर बयान दर्ज कराया।
फर्जी कोर्ट में पेश कर तुड़वाई एफडी और दस्तावेज की जानकारी ली
पीड़ित के मुताबिक विडियो में जज के वेशभूषा में एक व्यक्ति बैठा था। साथ ही वकील बहस कर रहा था। इसके बाद पीड़ित के ऊपर ऑनलाइन ही कई आरोप लगाकर बैंक अकाउंट की जांच करने की बात कही गई। फर्जी जज ने पीड़ित को धमकी देकर बैंक से फंड, एफडी, एमएफ के सारे खातों से रुपये वेरिफाई कराने की बात कही। पीड़ित ने तुरंत 2 लाख की एफडी तोड़कर ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। फिर फर्जी पुलिस वालों ने दोबारा 4 दिसंबर को कॉल कर उनसे 10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी जब 6 दिसंबर को ठग तीसरी बार कॉल कर म्युचुअल फंड का अकाउंट बंद कर और रुपये मांगने लगे तो उन्हें ठगी के बारे में शक हुआ। तब पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल का कहना है कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )