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यूपी: डिजाइनिंग इफेक्टिव करिकुलम: एम्फेसाइजिंग आउटकम-बेस्ड एजुकेशन एंड इम्प्लीमेंटेशन” विषय पर चर्चा


अलीगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए मंगलायतन विश्वविद्यालय में विशेष पहल की जा रही है। इसी कड़ी में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें “डिजाइनिंग इफेक्टिव करिकुलम: एम्फेसाइजिंग आउटकम-बेस्ड एजुकेशन एंड इम्प्लीमेंटेशन” विषय पर चर्चा हुई।
इस सत्र में मुख्य वक्ता शिक्षा विशेषज्ञ डा. नमेष मिगलानी ने पाठ्यक्रम डिजाइन करने के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके परिणाम स्पष्ट और मापने योग्य होने चाहिए। कोर्स आउटकम, प्रोग्राम आउटकम और प्रोग्राम स्पेसिफिक आउटकम को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। डा. मिगलानी ने बताया कि शिक्षण रणनीतियों और मूल्यांकन विधियों के बीच तालमेल होना अनिवार्य है ताकि विद्यार्थियों के प्रदर्शन का पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ तरीके से आकलन किया जा सके। प्रो. राजीव शर्मा ने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा के तहत की जा रही विभिन्न पहलों से सदन को अवगत कराया। वहीं, प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पाठ्यक्रमों को संशोधित किया जा रहा है। इस संवाद सत्र में शिक्षकों ने विद्यार्थियों के असेसमेंट करने पर भी गहन चर्चा की। आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. राजेश उपाध्याय ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजन पर संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। सत्र के दौरान डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा, प्रो. दिनेश पांडेय, प्रो. अनुराग शाक्य, प्रो. सिद्धार्थ जैन, प्रो. जितेंद्र सिंह, प्रो. अशोक उपाध्याय, डा. सोनी सिंह, डा. लव मित्तल, डा. पूनम रानी आदि ने भी अपने विचार साझा किए।

चित्र परिचय -04 मंगलायतन विश्वविद्यालय में विशेष सत्र को संबोधित करते डा. नमेष मिगलानी।


मंगलायतन विश्वविद्यालय में रोजगार मेले की धूम, 460 अभ्यर्थियों का जॉब के लिए चयन
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की ओर से परिसर में एक दिवसीय विशाल रोजगार मेला (जॉब फेयर) का आयोजन किया गया। इस मेले में देश की 25 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने शिरकत की और युवाओं की प्रतिभा को परखा। कड़े साक्षात्कार और योग्यता परीक्षण के बाद विभिन्न पदों के लिए कुल 460 अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल संपन्न बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार करियर का चुनाव करें और कार्यक्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल करें। कुलसचिव ब्रिगेडियर डा. समरवीर सिंह ने रोजगार मेले को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि संस्थान का निरंतर प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर उपलब्ध कराए जाएं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने बदलते वैश्विक परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में नौकरियों की कमी नहीं है, बस युवाओं को प्रतिस्पर्धा के इस दौर में खुद की काबिलियत को सिद्ध करने की आवश्यकता है। मेले में तकनीकी, प्रबंधन और सेवा क्षेत्र की 25 से अधिक नामी कंपनियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने अलग-अलग स्टॉल्स पर पंजीयन कराया और कंपनियों के प्रतिनिधियों के सम्मुख अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत ने शुभकामनाएं प्रेषित की। प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. किशनपाल सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष जॉब फेयर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को चयन होता है। प्रभारी डा. विपिन कुमार ने सभी अतिथियों और कंपनी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. आरके शर्मा, प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. जितेंद्र सिंह, डा. सुजीत महापात्रा, राहुल देव और रामगोपाल सिंह आदि थे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )