आरोपियों के कब्जे से मिले दस्तावेजों की सहायता से कई और मामलों की जांच तेज कर दी गई है। फर्जीवाड़े में उपयोग हुए 220 बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे आगे किसी वित्तीय गतिविधि को रोका जा सके। गैंग अत्यंत व्यवस्थित तरीके से काम करता था। ये पहले विभिन्न व्यक्तियों का डेटा जुटाते थे। फिर फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करके अलग-अलग बैंकों में दस्तावेज जमा कराते थे। अधिकांश मामलों में आरोपी बिल्डरों की मिलीभगत से लोन अनुमोदन प्रक्रिया को आसान बनाते थे। लोन की रकम आने के बाद वह व्यक्ति या प्रोफाइल हमेशा के लिए गायब हो जाते थे। कई बार ये लोन फर्जी फ्लैट या अस्तित्वहीन संपत्तियों के नाम पर भी पास करा लेते थे। जिले में अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी का खुलासा मानी जा रही है। पुलिस टीम गैंग के आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों के खरीद-फरोख्त और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही अन्य राज्यों में भी इस गैंग की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभावित है।
करोड़ के होम और पर्सनल लोन लेकर फरार होने वाले गैंग के सरगना समेत आठ लोगों को पकड़ा
आरोपियों के कब्जे से मिले दस्तावेजों की सहायता से कई और मामलों की जांच तेज कर दी गई है। फर्जीवाड़े में उपयोग हुए 220 बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे आगे किसी वित्तीय गतिविधि को रोका जा सके। गैंग अत्यंत व्यवस्थित तरीके से काम करता था। ये पहले विभिन्न व्यक्तियों का डेटा जुटाते थे। फिर फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करके अलग-अलग बैंकों में दस्तावेज जमा कराते थे। अधिकांश मामलों में आरोपी बिल्डरों की मिलीभगत से लोन अनुमोदन प्रक्रिया को आसान बनाते थे। लोन की रकम आने के बाद वह व्यक्ति या प्रोफाइल हमेशा के लिए गायब हो जाते थे। कई बार ये लोन फर्जी फ्लैट या अस्तित्वहीन संपत्तियों के नाम पर भी पास करा लेते थे। जिले में अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी का खुलासा मानी जा रही है। पुलिस टीम गैंग के आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों के खरीद-फरोख्त और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही अन्य राज्यों में भी इस गैंग की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभावित है।

