अवैध निर्माण और डूब क्षेत्र के लिए इस तरह के कनेक्शन एनपीसीएल से लिए जाने के लिए जाली एनओसी पत्र प्राधिकरण को मिले हैं। ऐसे मामलों में अब पुलिस उपायुक्त को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत प्राधिकरण ने दी है।प्राधिकरण के मुताबिक कुछ कॉलोनाइजर और अतिक्रमणकर्ता फर्जी आवेदकों का उपयोग कर रहे हैं। वे कार्यालय के फर्जी पत्रांक और फर्जी हस्ताक्षर से एनओसी तैयार करते हैं।
इसके लिए फर्जी आइजीआरएस शिकायत संख्या का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वैदपुरा में दो कॉलोनाइजर ने खसरा संख्या 276 और 279 पर बिजली कनेक्शन के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का मामला अब पकड़ में आया है। आरोपियों ने आइजीआरएस संख्या 40014126027311 का उपयोग किया।उन्होंने प्राधिकरण का फर्जी पत्रांक जीएन/जीएम (प्रोजेक्ट)/2026/6422 दिनांक 13 जुलाई 2026 भी दिखाया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह पत्रांक उनके द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था।
प्राधिकरण ने 23 अप्रैल 2025 और 3 जुलाई 2025 को स्पष्टीकरण जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना मानचित्र अनुमोदन के कोई विद्युत कनेक्शन नहीं मिलेगा। पूर्णता प्रमाण पत्र के बिना भी कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। अवैध कॉलोनी, निर्माण और अतिक्रमण पर एनओसी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।

