किसानों के हल्ला बोल के बाद अब डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने मोर्चा संभाल लिया है। जहां भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर व्यस्त स्थान का ध्यान रखते हुए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दी गई है। दरअसल इस दौरान बड़ा चैलेंज है कि कैसे यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सके, जैसे में कानून व्यवस्था से लेकर यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैद हो गया है। एहतियातन दमकल कर्मियों की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। किसानों के प्रदर्शन की क्या है मुख्य वजह और क्या हैं मांगे
दरअसल गौतमबुद्ध नगर में डूब क्षेत्र की समस्या अभी की नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। किसानों का दावा है कि सरकार ने उन्हें घर तो दे दिया, लेकिन जो सबसे जरूरी है बिजली, बस वो नहीं दी। ऐसे में अब या तो वह जनरेटर पर निर्भर हैं या फिर अवैध कलेक्शन लेने को मजबूर है। जहां उन्हें तय शुल्क से अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। अब किसानों की मांग है कि अगर जमीन मिल ही गई है तो डूब क्षेत्र में बिजली देने में क्या समस्या है? हालांकि, इस बाबत कई बार विद्युत निगम और किसानों के बीच बात हुई, लेकिन हल शासन स्तर से लंबित चल रहा है। वहीं लंबे समय तक बिजली न मिलने से किसानों का समय समय पर गुस्सा फूट कर सामने आ ही जाता है।

