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पूर्व आईएएस अधिकारी की मौत मामला : फायर ब्रिगेड पर देरी से पहुंचने का आरोप, एसी में ब्लास्ट से आग लगने का संदेह

पूर्व आईएएस अधिकारी की मौत मामला : फायर ब्रिगेड पर देरी से पहुंचने का आरोप, एसी में ब्लास्ट से आग लगने का संदेह

पूर्व आईएएस अधिकारी धनेन्द्र कुमार की दुखद मौत, फायर ब्रिगेड की देरी पर सवाल

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के हौज खास इलाके में एयर कंडीशनर में ब्लास्ट के बाद लगी आग में पूर्व आईएएस अधिकारी धनेन्द्र कुमार की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की देरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पड़ोसी रमेश ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के बाद करीब एक घंटे बाद ही मौके पर पहुंची, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। उनका कहना था कि यदि फायर सर्विस समय पर पहुंच जाती, तो यह हादसा टल सकता था।

रमेश ने आगे कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से देरी के संबंध में सवाल उठाए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि घटना स्थल का पता लगाने में वक़्त लगाया गया। उन्होंने बताया कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई थी।

वे बताते हैं, “आग लगभग रात में लगी थी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के लिए भारी जाम या कोई बाधा नहीं थी, फिर भी वे करीब एक घंटे बाद आए।” घटना के समय तीन परिवार के सदस्य और घर के कर्मचारी घर में मौजूद थे। धनेन्द्र कुमार की पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जो व्हीलचेयर पर थीं।

अन्य स्थानीय लोगों ने भी बताया कि धुएं के कारण अंदर की दृश्यता अत्यंत कम थी, जिससे बचाव प्रयास और कठिन हो गए।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह हादसा गुरुवार रात 11:18 बजे हुआ। सूचना मिलते ही थाने और फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।

80 वर्षीय धनेन्द्र कुमार और उनके बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां धनेन्द्र कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनके बेटे का इलाज जारी है और स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग के कारण एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में ब्लास्ट लगना पाया गया है। किसी साजिश की संभावना फिलहाल खारिज की गई है।

धनेन्द्र कुमार 1968 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार में कई उच्च पदों पर कार्य किया। वे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के प्रथम अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, और संस्कृति मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।

उनका प्रशासनिक करियर बहुआयामी रहा, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचा विकास प्रमुख थे। ये घटनाएं उनके प्रशासकीय जीवन के लिए एक दुखद अंत सिद्ध हुईं। –आईएएनएस

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)