मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव नजदीक है, और इस बार मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। इस 10 दिवसीय महोत्सव को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है, जिसमें सबसे खास है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कैमरों का उपयोग। ये अत्याधुनिक कैमरे शहर के प्रमुख गणपति पंडालों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और विसर्जन स्थलों पर नजर रखेंगे।
मुंबई पुलिस ने इस उत्सव के लिए लगभग 300 AI-संचालित कैमरे स्थापित किए हैं, जो न केवल भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, बल्कि पुलिस के डेटाबेस से वांछित अपराधियों को पहचानकर रियल-टाइम अलर्ट भी भेजेंगे। इन कैमरों की खासियत है कि ये संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पकड़ सकते हैं, जिससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी। भविष्य में इन कैमरों को पूरे शहर में स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जो मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
लालबागचा राजा जैसे प्रसिद्ध गणपति पंडालों और विसर्जन स्थलों पर भारी भीड़ को देखते हुए, पुलिस ने सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार 17,600 से अधिक पुलिसकर्मी मुंबई की सड़कों पर तैनात रहेंगे। इनमें 15,000 पुलिस कांस्टेबल, 2,600 उप-निरीक्षक और निरीक्षक, 51 सहायक पुलिस आयुक्त और 36 पुलिस उपायुक्त शामिल हैं। इसके अलावा, घुड़सवार पुलिस इकाई, बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता और ड्रोन की व्यापक तैनाती की जाएगी।
शहर भर में 11,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। लालबागचा राजा जैसे प्रमुख पंडालों के लिए अलग से विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और उत्सव पूरी तरह सुरक्षित रहे।
मुंबई पुलिस की यह हाई-टेक और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था न केवल गणेश उत्सव को निर्बाध रूप से संपन्न कराने की गारंटी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शहर की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तकनीक और मानव बल का शानदार समन्वय किया गया है।