मुंबई मोनोरेल: आठ महीने के बंद के बाद सेवा जल्द शुरू होने की संभावना
मुंबई मोनोरेल को आखिरकार राहत मिलने वाली है और यह इस माह के अंत तक सेवा बहाल कर सकती है, जो कि आठ महीने के बंदी के बाद एक बड़ी खबर है। चेंबूर और महालक्ष्मी दोनों छोरों पर बड़े स्तर पर अपग्रेड और एकीकरण कार्य अंतिम चरण में हैं।
अधिकारी बताते हैं कि 19.54 किलोमीटर लंबी मोनोरेल मार्ग की अंतिम सुरक्षा जांच इस माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। एक सेवानिवृत्त सरकारी metro रेल सुरक्षा आयोग के अधिकारी पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे और यात्री सेवाओं के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान करेंगे।
20 सितंबर 2025 से बंद सेवा
मोबाइल तकनीकी खराबियों, संचालन संबंधी दिक्कतों और सुरक्षा घटनाओं के कारण मोनोरेल सेवा 20 सितंबर 2025 से बंद है। यात्रियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने व्यापक मरम्मत और आधुनिकीकरण का कार्य शुरू किया है।
एमएमआरडीए ने दस नई ‘मेड इन इंडिया’ मोनोरेल रैकों की खरीद की है और पुरानी रैकों का भी नवीनीकरण किया गया है। सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने हेतु आधुनिक CBTC (कम्युनिकेशन-आधारित ट्रेन नियंत्रण) सिग्नलिंग सिस्टम भी स्थापित किया गया है।
मेट्रो से सीधा कनेक्शन
चेंबूर में मुंबई मेट्रो लाइन 2B (पीली लाइन) से मोनोरेल को जोड़ने के कार्य प्रगति में हैं। वर्तमान में, मेट्रो 2B डायमंड गार्डन से मानखुर्दची मंडल तक संचालित है। चेंबूर स्टेशन के MTNL जंक्शन के पास जारी कुशल कनेक्शन के बाद मोनोरेल और मेट्रो के बीच यात्रा सरल हो जाएगी।
वहीं दूसरी ओर महालक्ष्मी-आर्थर रोड क्षेत्र में एक स्काईवॉक और फुटपाथ का निर्माण हो रहा है जो मोनोरेल स्टेशन को मेट्रो लाइन 3 ‘अक्वा लाइन’ और महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ेगा।
जैकब सर्कल पर भी एक अलग फुटपाथ बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और सड़क पर ट्रैफिक जाम कम होगा।
यात्रियों का विश्वास वापस जीतने की चुनौती
मुंबई मोनोरेल शुरूआत से ही कम यात्रियों, रखरखाव की समस्याओं और बार-बार सेवा बाधित होने के कारण आलोचनाओं का शिकार रही है। किन्तु अब प्रशासन आशा कर रहा है कि नवीनतम तकनीक, नए रैक और मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी के कारण मोनोरेल को एक नया जीवन मिलेगा।