काम से होने वाले लंबे समय तक तनाव को कम करने में अच्छी नींद और सही आहार की भूमिका पर शोध
काम से जुड़ा तनाव आज के युग में एक आम समस्या बन चुका है। आमतौर पर इस तनाव को कम करने के लिए व्यायाम, बेहतर आहार और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन हाल ही में हुई एक शोध में पता चला है कि सभी स्वस्थ आदतें काम के तनाव से बचाव में समान योगदान नहीं देतीं।
कनाडा के 2,871 कर्मचारियों पर दस वर्षों तक किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण कर शोधकर्ताओं ने यह जांच की कि पोषण, व्यायाम, नींद की गुणवत्ता, शराब का सेवन और धूम्रपान जैसी पांच स्वास्थ्य संबंधी आदतें काम के तनाव और सामान्य स्वास्थ्य के बीच संबंध को कैसे प्रभावित करती हैं।
शोध में यह निष्कर्ष निकला कि कुछ आदतें विशेष रूप से काम के तनाव से सुरक्षा प्रदान करती हैं, जबकि कुछ केवल सामान्य स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं लेकिन काम के तनाव के प्रभाव को कम नहीं कर पातीं।
कुछ आदतें तनाव से बचाव करती हैं, कुछ नहीं
इस अध्ययन में नींद की गुणवत्ता सबसे अधिक प्रभावशाली पाई गई। इसके साथ ही पोषण का भी महत्वपूर्ण योगदान था। विश्लेषण में पता चला कि व्यायाम स्वास्थ्य के लिए अच्छा जरूर है, परन्तु जब अन्य आदतों के साथ परखा गया तो यह काम के तनाव से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में सहायक नहीं पाया गया।
बहुत से कर्मचारियों के लिए काम का तनाव स्थायी होता है, जो भारी कार्यभार, अप्रत्याशित समय-सारणी, कार्य के बाद ईमेल तथा संदेश के कारण होता है। यह तनाव शाम, सप्ताहांत और पारिवारिक समय तक लगातार बना रहता है।
समय के साथ यह तनाव शारीरिक और मानसिक रूप से व्यक्ति को कमजोर कर देता है। इस शोध के परिणाम हमें यह समझने में मदद करते हैं कि किस प्रकार की आदतें काम के तनाव के प्रभाव को कम करने में सहायक होती हैं, और किन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस प्रकार के निष्कर्ष स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए मार्गदर्शन देते हैं और कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के महत्व को उजागर करते हैं।