आजादपुर मंडी में अब चलते ट्रकों का वजन हो जाएगा। इसके लिए कृषि उपज विपणन समिति ने स्मार्ट वेट इन मोशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस तकनीक से मंडी में हेराफेरी रोकने, राजस्व बढ़ाने, ट्रकों की लंबी लाइन खत्म करने और ब्लैकलिस्ट वाहनों पर नजर रख सकते हैं।
आजादपुर मंडी में अब चलते ट्रकों का वजन हो जाएगा। इसके लिए कृषि उपज विपणन समिति ने स्मार्ट वेट इन मोशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस तकनीक से मंडी में हेराफेरी रोकने, राजस्व बढ़ाने, ट्रकों की लंबी लाइन खत्म करने और ब्लैकलिस्ट वाहनों पर नजर रख सकते हैं। इसे मंडी के सबसे व्यस्त प्रवेश द्वार पर लगाया जाएगा, जहां से फल और सब्जियों से लदे ट्रक मंडी में घुसते हैं।
अभी एंट्री गेट पर लगता है लंबा जाम
अभी मंडी में कई जगह वजन पारंपरिक कांटों या मैनुअल व्यवस्था से होता है। इसमें समय ज्यादा लगता है जिससे ट्रकों की कतार लग जाती है। मंडी से जुड़े लोगों का कहना है कि सुबह और देर रात माल आने के समय कई बार लंबा जाम लग जाता है। मुख्य एंट्री गेट पर रोजाना भारी दबाव रहता है, क्योंकि बड़ी संख्या में फल-सब्जी से लदे ट्रक इसी रास्ते से प्रवेश करते हैं।
एपीएमसी को होगा राजस्व लाभ
मंडी प्रशासन के मुताबिक इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 28,83,706 रुपये रखी गई है। एक निजी एजेंसी को दो महीने के भीतर मशीन लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह एजेंसी कुल पांच साल तक मशीन की देखरेख भी करेगी। यह सिस्टम वाहनों की आवाजाही और माल के वजन पर लगातार नजर रखेगा, जिससे गलत एंट्री, कम वजन दिखाने या रिकॉर्ड में फेरबदल जैसी शिकायतों पर रोक लग सकेगी। वजन सही दर्ज होगा और मंडी शुल्क, अन्य देय राशि सही तरीके से वसूली जा सकेगी। इससे एपीएमसी को लाभ होगा।
सहूलियत के साथ सख्ती भी बढ़ेगी
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को ट्रकों की लाइन कम होने से माल जल्दी उतारने में सहूलियत होगी और कारोबार को फायदा होगा। मशीन लगने के बाद लापरवाही वाले वाहनों पर कार्रवाई भी तेज होगी। यह प्रयोग सफल रहा तो मंडी के दूसरे गेटों पर भी ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा।

