पश्चिम बंगाल में लागू होगी प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना, केंद्र और राज्य सरकार ने किए कई अहम फैसले
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य भाजपा सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना के लाभ को लेकर जनता को आश्वस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सुवेंदु अधिकारी के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के सभी भाई-बहनों का कल्याण उनकी प्राथमिकता है और उन्हें खुशी है कि राज्य के लोग आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकेंगे। मोदी ने योजना को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा पहल बताया, जो गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ‘डबल इंजन’ प्रणाली बिना किसी बाधा के सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करेगी।
सुवेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए छह महत्वपूर्ण फैसले लिए। इनमें आयुष्मान भारत योजना के तहत पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना मुख्य निर्णय था। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिसे पैंतालीस दिनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य सरकार ने अपनी नियुक्तियों के नियमों में सुधार करते हुए नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों की उम्र सीमा पांच वर्ष बढ़ा दी है, जिससे पिछली सरकार के दौरान अवसर गंवाने वाले उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही आरक्षित न्याय प्रणाली के संवैधानिक क्रियान्वयन हेतु जनगणना की मंजूरी दी गई है, जो सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि ऐसे 321 परिवारों का समर्थन किया जाएगा, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा करते हुए अपने परिजनों को खोया है। साथ ही केंद्र की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला जैसी कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की राह सुनिश्चित की गई है।
यह निर्णय राज्य की विकास और कल्याण के उद्देश्य से लिए गए हैं, जो जनता के लिए बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल से पश्चिम बंगाल की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।